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सीएम मोहन यादव अचानक खरगोन के उपार्जन केंद्र का निरिक्षण करने पहुंचे, किसानों संग बैठ कर पी चाय

30 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सीएम मोहन यादव अचानक खरगोन के उपार्जन केंद्र का निरिक्षण करने पहुंचे, किसानों संग बैठ कर पी चाय
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन को लेकर सरकार अब एक्शन मोड में दिख रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अचानक खरगोन के उपार्जन केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जांची—और सीधे किसानों से बातचीत भी की।


कतरगांव केंद्र पर अचानक पहुंचे CM, किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री खरगोन जिले के कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र पर बिना पूर्व सूचना के पहुंचे। उन्होंने मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। खास बात यह रही कि उन्होंने किसानों के बीच बैठकर बातचीत की और उनके साथ चाय भी पी।


“जो कहा, वो किया” — एक दिन पहले दिया था संकेत

सीएम ने 29 अप्रैल को ही संकेत दिया था कि वे किसी भी केंद्र का औचक निरीक्षण कर सकते हैं। और अगले ही दिन 30 अप्रैल को उन्होंने इसे अमल में लाकर साफ संदेश दिया कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।


किसानों के लिए बढ़ाई गई सुविधाएं और व्यवस्था

सरकार ने उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए कई जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की हैं:

- छाया और बैठने की व्यवस्था

- पीने का पानी

- साफ-सफाई के उपकरण

- किसी भी केंद्र पर उपज बेचने की सुविधा


तौल व्यवस्था मजबूत, इंतजार कम करने की तैयारी

किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। इसके अलावा बारदाना, हम्माल, कंप्यूटर, इंटरनेट और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं—जिससे प्रक्रिया तेज हो सके।


गुणवत्ता मानकों में भी राहत

सरकार ने इस बार गेहूं की गुणवत्ता से जुड़े नियमों में भी ढील दी है:

- चमक विहीन गेहूं की सीमा: 50%

- सूकड़े दाने: 6% से बढ़ाकर 10%

- क्षतिग्रस्त दाने: 6% तक अनुमति


अब तक 22.70 लाख मीट्रिक टन खरीदी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:

- 9.83 लाख किसानों ने स्लॉट बुक किया

- 60.84 लाख मीट्रिक टन के लिए पंजीकरण

- अब तक 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी


पिछले साल 77 लाख मीट्रिक टन खरीद हुई थी, जबकि इस बार सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा है।


क्या लक्ष्य पूरा होगा?

सरकार का दावा है कि इस बार विपरीत परिस्थितियों के बावजूद रिकॉर्ड खरीद होगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या ये बड़ा लक्ष्य हासिल हो पाएगा—या फिर जमीनी चुनौतियां आड़े आएंगी।

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