बुधवार, 27 मई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

महिलाओं के लिए बनेगा ‘रिसोर्स पूल’, MP सरकार का बड़ा फैसला; कौशल और रोजगार पर फोकस

27 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
महिलाओं के लिए बनेगा ‘रिसोर्स पूल’, MP सरकार का बड़ा फैसला; कौशल और रोजगार पर फोकस
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने महिलाओं को रोजगार और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में महिलाओं का एक बड़ा “रिसोर्स पूल” तैयार किया जाएगा, ताकि उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। महिला-बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में हुई महिला वित्त एवं विकास निगम की 80वीं संचालक मंडल बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। बैठक में महिला रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और संस्थागत सुधारों पर कई बड़े निर्णय हुए।


महिलाओं की स्किल के आधार पर होगा वर्गीकरण

बैठक में तय किया गया कि महिला वित्त एवं विकास निगम एक व्यापक ऑनलाइन पोर्टल तैयार करेगा। इस पोर्टल के जरिए महिलाओं की कौशल क्षमता का आकलन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें कुशल, अर्द्ध-कुशल और अकुशल श्रेणियों में बांटा जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि हर महिला की क्षमता के अनुसार उसे रोजगार और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।


विभागों और उद्योगों से जोड़ी जाएंगी महिलाएं

मंत्री निर्मला भूरिया ने निर्देश दिए कि अकुशल और अर्द्ध-कुशल महिलाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण देकर विभिन्न विभागों, उद्योगों और संस्थानों की जरूरत के मुताबिक तैयार किया जाए। इसके लिए महिला श्रमिकों, कारीगरों और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित महिलाओं का एक बड़ा “रिसोर्स पूल” विकसित किया जाएगा। इससे सरकारी और निजी संस्थानों को जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित महिला वर्कफोर्स उपलब्ध कराई जा सकेगी।


सिर्फ लोन नहीं, अब स्किल और मार्केटिंग पर फोकस

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि महिला वित्त एवं विकास निगम अब केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं रहेगा। निगम अब कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण, बाजार संपर्क और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। इसके लिए दूसरे राज्यों के सफल मॉडल का अध्ययन कर बेहतर व्यवस्थाएं लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।


‘शी-मार्ट’ पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी

बैठक में “शी-मार्ट” कॉन्सेप्ट को लेकर देरी पर भी नाराजगी जताई गई। संचालक मंडल ने कहा कि अक्टूबर 2024 में प्रस्ताव पारित होने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों का मानना है कि यदि योजना समय पर लागू हो जाती, तो मध्यप्रदेश इस मॉडल को लागू करने वाला देश का अग्रणी राज्य बन सकता था। खास बात यह है कि अब इसी तरह की अवधारणा को केंद्र सरकार ने भी 2026-27 बजट में शामिल किया है।


2030 तक 1.6 लाख महिलाओं को रोजगार का लक्ष्य

बैठक में IPE Global Limited के साथ हुए एमओयू की भी समीक्षा की गई। यह पहल “देवी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण मिशन” के तहत चलाई जा रही है। सरकार ने वर्ष 2030 तक 1.6 लाख महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और 50 हजार महिलाओं को बाजार की मांग के मुताबिक प्रशिक्षण देने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही 500 से ज्यादा कंपनियों में जेंडर डाइवर्सिटी को बढ़ावा देने की भी योजना है।


प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सख्ती

मंत्री निर्मला भूरिया ने निगम की कार्यप्रणाली में अनुशासन लाने के निर्देश भी दिए। बैठक में फैसला लिया गया कि दूसरे स्थानों पर अटैच कर्मचारियों को तत्काल नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि कर्मचारी एक महीने के भीतर मूल पदस्थापना पर वापस नहीं लौटते हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इससे निगम की कार्यक्षमता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।


बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि, आयुक्त निधि निवेदिता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि यह नई रणनीति सिर्फ योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिलाओं को स्थायी रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता देने की दिशा में काम करेगी।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें