
भोपाल। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लगभग 15 हजार आधुनिक बसें संचालित करने और प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य बताया है।
इंदौर में 11 और 12 सितंबर को होने वाले यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में सुरक्षित, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के साथ निवेश, रोजगार और उद्योग से जुड़े अवसरों पर चर्चा होगी।
रोजाना 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुविधा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रस्तावित बस नेटवर्क का उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी बनाना है। इस व्यवस्था से प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा देने की योजना है।
इसके साथ 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड, टर्मिनल और डिपो के कायाकल्प का भी लक्ष्य रखा गया है।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को इस परिवहन व्यवस्था में प्राथमिकता दी जाएगी।
2030 तक दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क
मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड के तहत ‘मोबिलिटी विज़न: 2030’ तैयार किया गया है। इसका लक्ष्य प्रदेश के दूरदराज इलाकों तक यात्री परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है।
समिट में देशभर के परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, उद्योग प्रतिनिधि और नीति-निर्माता शामिल होकर व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने पर विचार करेंगे।
विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप यात्री परिवहन का रोडमैप तैयार करने में भी समिट मदद करेगी।
इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष जोर
पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए स्वच्छ ईंधन तथा इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार को महत्वपूर्ण विषय बनाया गया है।
अभी प्रदेश में:
96 पीएम ई-बसें संचालित हैं।
120 इंटरसिटी बसें चल रही हैं।
अगले 6 महीनों में 486 पीएम ई-बसें और 34 इंटरसिटी बसें जोड़ी जाएंगी।
वर्ष 2027 तक 1,100 बसों तक पहुंचने का लक्ष्य है।
प्रदेश में 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किए जा रहे हैं। इनसे हर साल 70,000 टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है।
हर बस की होगी रियल टाइम निगरानी
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) से की जाएगी। मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
इन केंद्रों के माध्यम से बसों की लोकेशन, संचालन, टाइमिंग और दूसरी महत्वपूर्ण गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी।
सुरक्षा के लिए 7 CCTV और पैनिक बटन
सुरक्षित यात्रा के लिए बसों में तकनीकी सुरक्षा सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। सभी बसों को 7 CCTV कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है।
पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण व्यवस्था भी यात्री सेवा का हिस्सा होगी।
निजी निवेश और रोजगार पर फोकस
सरकार जन-निजी भागीदारी को बढ़ाने के लिए पारदर्शी अनुबंध व्यवस्था और प्रोत्साहन योजनाएं लागू करेगी। इससे निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने तथा विज्ञापन और कार्गो जैसी नॉन-फेयर रेवेन्यू गतिविधियां बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक डिपो और टर्मिनलों के उपयोग की सुविधा भी निजी ऑपरेटरों को मिलेगी।
यात्री परिवहन के विस्तार से बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सेवाओं समेत संबंधित क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
समिट से मध्यप्रदेश की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, यात्री परिवहन का विस्तार मध्यप्रदेश में निवेश, रोजगार और उद्योग को गति देने का माध्यम बनेगा। समिट का उद्देश्य प्रदेश को पर्यावरण-अनुकूल और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन की दिशा में आगे ले जाना है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख लक्ष्य
15 हजार आधुनिक सार्वजनिक बसें
75% ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ना
प्रतिदिन 30 लाख+ यात्रियों को सुविधा
180+ बस स्टैंड, टर्मिनल और डिपो का कायाकल्प
2027 तक 1,100 इलेक्ट्रिक/इंटरसिटी बसों का लक्ष्य
70,000 टन+ वार्षिक CO₂ उत्सर्जन में कमी
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