
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल्स फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम से जुड़े युवाओं से कहा है कि वे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके प्रभावी मूल्यांकन में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने 55 जिलों से चयनित युवाओं को प्रदेश के विकास में भागीदार बताते हुए उनसे जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं का दायित्व केवल नौकरी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और प्रदेश की बेहतरी के लिए अपनी क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिए।
युवाओं को सरकारी योजनाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल्स फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत चयनित युवा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर नजर रखेंगे। वे यह भी देखेंगे कि सरकारी विभाग और प्रशासनिक इकाइयां इन योजनाओं को जमीन पर किस तरह लागू कर रही हैं।
इस पहल का उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन में मौजूद कमियों की पहचान करना और उनमें सुधार के लिए जरूरी सुझाव जुटाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का बेहतर संचालन करने के साथ उनके परिणामों का प्रभावी मूल्यांकन भी जरूरी है।
55 जिलों के युवा बनेंगे विकास प्रक्रिया का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के लिए चुने गए युवाओं को प्रदेश की नई उम्मीद बताया। उनके मुताबिक, 55 जिलों से चयनित युवा 55 नई आशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने युवाओं से जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा। साथ ही, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, सरकारी योजनाओं और उनमें आम लोगों की भागीदारी का बारीकी से अध्ययन करने पर जोर दिया।
डॉ. यादव ने कहा कि जिला प्रशासन के लिए भी इन युवाओं का अनुभव और काम उपयोगी साबित होना चाहिए। जनकल्याणकारी नीतियों को सफल बनाने में जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
2027 में सालभर युवाओं के लिए होंगी गतिविधियां
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाएगी। सरकार ने प्रत्येक वर्ष के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए हैं और युवा वर्ष के दौरान युवाओं से जुड़ी गतिविधियां पूरे साल आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि इस दौरान युवाओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी। प्रदेश के युवा शिक्षा, रोजगार, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में अपनी योग्यता के दम पर उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। सरकार उनकी क्षमताओं को जनहित और प्रदेश के विकास से जोड़ना चाहती है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और सुशासन का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में नए लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के सुशासन और नवाचार से जुड़ी पहल की भी सराहना की।
डॉ. यादव ने भारत की युवा आबादी को देश की बड़ी ताकत बताया। उनके अनुसार, युवाओं की क्षमता और योग्यता के आधार पर भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्व देने में सक्षम है।
युवाओं को दी सफलता और नेतृत्व की सीख
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से जुड़े युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर रहने और आम लोगों से सहज संवाद बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रभावी नेतृत्व के लिए आत्मविश्वास के साथ विनम्रता और बेहतर संवाद शैली भी जरूरी है।
उन्होंने युवाओं से समय प्रबंधन पर ध्यान देने, शांत मन से काम करने और तनावमुक्त रहकर आम लोगों की समस्याओं को समझने की अपील की।
डॉ. यादव ने यह भी कहा कि युवा केवल किताबी ज्ञान पर निर्भर न रहें, बल्कि व्यावहारिक अनुभव को भी महत्व दें। परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और नए प्रयोग करने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।
नौकरी नहीं, जनसेवा की जिम्मेदारी समझें युवा
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे अपने कार्य को केवल नौकरी की तरह न देखें। उनका उद्देश्य प्रदेश की बेहतरी और सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने में योगदान देना होना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश 'यही समय है-सही समय है' से प्रेरणा लेकर समाज और देश के प्रति अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से जमीनी स्तर पर अपनी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाने और प्रभावी नेतृत्व विकसित करने की अपेक्षा जताई।
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