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MPPSC अभ्यर्थी नवंबर से देख सकेंगे उत्तरपुस्तिका, 2019 से 2024 तक की मुख्य परीक्षा की कॉपी होगी उपलब्ध

22 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MPPSC अभ्यर्थी नवंबर से देख सकेंगे उत्तरपुस्तिका, 2019 से 2024 तक की मुख्य परीक्षा की कॉपी होगी उपलब्ध
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों को अब अपनी लिखी उत्तरपुस्तिका देखने का मौका देगा। नवंबर 2026 से राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2019 से 2024 तक की उत्तरपुस्तिकाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू होगी।


अभ्यर्थी स्क्रीन पर अपने लिखे उत्तर, प्रत्येक प्रश्न में मिले अंक और मूल्यांकन की स्थिति देख सकेंगे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा और आयोग की ओर से उपलब्ध स्लॉट में समय चुनने की सुविधा दी जाएगी।


छह में से किसी भी प्रश्नपत्र की कॉपी देख सकेंगे

  • नई व्यवस्था में अभ्यर्थियों को अपनी जरूरत के अनुसार उत्तरपुस्तिका देखने का विकल्प मिलेगा।

  • 1 से 6 तक किसी भी प्रश्नपत्र का चयन किया जा सकेगा।

  • अभ्यर्थी चाहें तो सभी छह प्रश्नपत्र देख सकेंगे।

  • पूरी उत्तरपुस्तिका कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल रूप में दिखाई जाएगी।

  • हर प्रश्न के सामने मिले अंकों की जानकारी भी देखी जा सकेगी।


इससे अभ्यर्थी अपने लिखे जवाबों की तुलना मिले अंकों से कर पाएंगे और उत्तर लेखन में सुधार के लिए अपनी कमियों का आकलन कर सकेंगे।


ऑनलाइन आवेदन के बाद मिलेगा स्लॉट

उत्तरपुस्तिका देखने की प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन से शुरू होगी। एमपीपीएससी के ओएससी आर. पंचभाई के अनुसार, आवेदन मिलने के बाद आयोग उपलब्ध तारीख और समय के आधार पर स्लॉट जारी करेगा।


अभ्यर्थी उपलब्ध स्लॉट में अपनी सुविधा के अनुसार समय का चुनाव कर सकेंगे। आवेदन, शुल्क और अन्य नियमों से संबंधित विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।


मूल्यांकन में पारदर्शिता लाने की कोशिश

आयोग ने उत्तरपुस्तिका दिखाने की व्यवस्था का फैसला मूल्यांकन को लेकर सामने आने वाले सवालों और न्यायालय तक पहुंचने वाले मामलों को ध्यान में रखते हुए किया है।


अब तक परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों के पास यह जानने का सीधा माध्यम नहीं था कि किसी खास उत्तर पर कितने अंक दिए गए। डिजिटल कॉपी उपलब्ध होने से वे अपने उत्तर और प्राप्त अंकों का मिलान कर पाएंगे।


2019 में 49 याचिकाएं पहुंची थीं कोर्ट

राज्य सेवा परीक्षाओं के परिणाम और मूल्यांकन को लेकर न्यायालय में मामले भी सामने आते रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 2019 की परीक्षाओं में 49 याचिकाएं कोर्ट पहुंची थीं, जबकि 2024 में दो दर्जन से ज्यादा याचिकाएं दायर हुईं। इन मामलों में राज्य सेवा परीक्षा के मूल्यांकन, प्रश्नों के उत्तर और परिणाम से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे।


विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा

अभ्यर्थियों को उत्तरपुस्तिका और अंकसूची दिखाने की व्यवस्था को लेकर विधानसभा में भी सवाल उठ चुके हैं। सरकार की ओर से कोर्ट में लंबित मामलों के कारण प्रक्रिया प्रभावित होने की जानकारी दी गई थी।


नई व्यवस्था लागू होने के बाद अभ्यर्थियों को अपनी उत्तरपुस्तिका और प्रश्नवार प्राप्त अंकों की जानकारी सीधे डिजिटल माध्यम से देखने का अवसर मिलेगा।

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