
भोपाल। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विस्तार देने के लिए 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीएचईएल दशहरा मैदान से इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन का शुभारंभ करेंगे।
सरकार ने वर्ष 2031 तक करीब 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत हर साल 2,500 से 3,000 नई बसें जोड़े जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही है।
शहरों के बीच और शहर के अंदर चलेंगी बसें
मुख्यमंत्री के अनुसार नई व्यवस्था में दो तरह की बस सेवाएं होंगी। इंटरसिटी बसें दो या दो से अधिक शहरों को जोड़ेंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें संबंधित शहर के भीतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराएंगी। इससे शहरों के बीच आवागमन के साथ शहरों के अंदर भी सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ाने की योजना है।
आधुनिक तकनीक से लैस होंगी बसें
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था में आधुनिक तकनीक वाली बसों के संचालन पर जोर दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक और CNG बसों के संचालन के लिए भी ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा रही है।
ड्राइवरों के लिए तैयार हो रहा ट्रेनिंग नेटवर्क
आधुनिक बसों को सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए वाहन चालकों को तकनीक और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए इंदौर और छिंदवाड़ा में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर स्थापित किए गए हैं।
इन केंद्रों में वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक के साथ इलेक्ट्रिक और CNG बसों के संचालन से जुड़ी जरूरतों को भी शामिल किया गया है।
5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर जल्द
प्रदेश में जिला स्तर तक प्रशिक्षण व्यवस्था पहुंचाने की तैयारी है। 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन और ग्वालियर में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर 22 ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर भी तैयार किए जाएंगे।
प्रशिक्षण में सुरक्षा और नई तकनीक पर फोकस
प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए चालकों को आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों और नई पीढ़ी की बसों के संचालन की जानकारी दी जाएगी। खास तौर पर इलेक्ट्रिक और CNG बसों को सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे नई परिवहन व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित वाहन चालक उपलब्ध कराने की योजना है।
हर साल बढ़ेगा बसों का बेड़ा
सरकार की योजना के मुताबिक बसों की संख्या एक साथ नहीं बढ़ाई जाएगी, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्ष 2031 तक 15,000 बसों का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए हर साल लगभग 2,500 से 3,000 बसें जोड़ी जाएंगी।
25 सितंबर को होगा औपचारिक शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 सितंबर को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सार्वजनिक यात्री बसों के संचालन की शुरुआत करेंगे। इस सेवा में इंटरसिटी और इंट्रासिटी दोनों तरह की बसें शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुरक्षित और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
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