सोमवार, 13 अप्रैल 2026
Logo
Madhaya Pradesh

नरवर किले में खजाने के लालच में 40 फीट सुरंग, मंदिर तक पहुंचे दफीना चोर—सुरक्षा पर बड़े सवाल

13 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
नरवर किले में खजाने के लालच में 40 फीट सुरंग, मंदिर तक पहुंचे दफीना चोर—सुरक्षा पर बड़े सवाल
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रिपोर्ट: अतुल जैन 

शिवपुरी के ऐतिहासिक नरवर किले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। खजाने की तलाश में दफीना चोरों ने मंदिर के पीछे करीब 40 फीट लंबी सुरंग खोद डाली—जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।


मंदिर तक पहुंचा खजाने का लालच

शिवपुरी जिले के नरवर स्थित प्राचीन किले में यह घटना हुई। यह किला राजा नल की कथाओं और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। लेकिन अब खजाने की लालच में असामाजिक तत्वों ने आस्था के केंद्र मां पसर देवी मंदिर को भी निशाना बना लिया—जो चिंता बढ़ाता है।


रात के अंधेरे में खोदी गई 40 फीट सुरंग

स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, यहां खजाना दबा होने की बात कही जाती है। इसी लालच में दफीना चोरों ने रात के अंधेरे में मंदिर के पीछे करीब 40 फीट लंबी सुरंग खोद दी। पहले किले के महलों में खुदाई होती थी, लेकिन इस बार सीधे मंदिर तक पहुंचना गंभीर स्थिति को दिखाता है।


श्रद्धालुओं ने खोला पूरा मामला

घटना का खुलासा तब हुआ जब मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने संदिग्ध गतिविधियां देखीं। जांच करने पर सुरंग का पता चला और पास में खुदाई के उपकरण भी मिले। इससे साफ हो गया कि यह काम सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था—जो सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।


पुलिस ने की कार्रवाई, सुरंग बंद

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और खुदाई में इस्तेमाल उपकरण जब्त कर लिए। साथ ही सुरंग को पत्थरों से बंद करा दिया गया, ताकि आगे कोई नुकसान न हो। हालांकि अभी तक आरोपियों का पता नहीं चल पाया है—जिससे जांच जारी है।


प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना के बाद किले और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है—और ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंच सकता है।


लोगों की मांग: सुरक्षा बढ़े, सख्त कार्रवाई हो

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से किले और मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। साथ ही दफीना चोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की जा रही है—ताकि इस ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें