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नवग्रह शक्तिपीठ प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव: धर्म सभा में साध्वी ऋतंभरा ने कहा- सुख बटोरने से नहीं, बांटने से बढ़ता है

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Sadhvi Ritambhara and Dr Narottam Mishra

Sadhvi Ritambhara and Dr Narottam Mishra

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

डबरा। नवग्रह शक्तिपीठ प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव के छठवें दिन सोमवार को प्रसिद्ध संत प्रवक्ता साध्वी ऋतंभरा ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नवग्रह शक्तिपीठ एक पावन तीर्थ है और यहां आकर वे स्वयं को धन्य अनुभव कर रहीं हैं। उन्होंने इस दिव्य धाम की स्थापना को अद्भुत कार्य बताते हुए मंदिर के सूत्रधार डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सराहना की। साध्वी ने अपने प्रवचन में कहा कि सुख बटोरने से नहीं, बल्कि बांटने से बढ़ता है।

साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि सभी भौतिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद भी यदि मन में शांति नहीं है, तो वह सब व्यर्थ है। आज मानव का मन इसलिए अशांत है क्योंकि वह धीरे-धीरे धर्म से दूर होता जा रहा है। धर्म की शरण में आकर ही वास्तविक सुख और शांति की प्राप्ति संभव है। उन्होंने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि जैसे जड़ से अलग होकर कोई पेड़ हरा-भरा नहीं रह सकता, उसी प्रकार धर्म से कटकर मानव जीवन भी अशांत और दिशाहीन हो जाता है।

जिन संकल्पों का कोई विकल्प नहीं होता, वे हर हाल में सिद्ध होकर रहते हैं

साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि अयोध्या में आज भगवान श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान हैं। यह किसी एक दिन का परिणाम नहीं, बल्कि दृढ़ और अटल संकल्प का फल है। उन्होंने कहा कि जिन संकल्पों का कोई विकल्प नहीं होता, वे हर हाल में सिद्ध होकर रहते हैं।” यह संदेश समाज को आत्मविश्वास और धैर्य के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

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