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‘नेहरू बाबरी मस्जिद पब्लिक फंड से बनवाना चाहते थे…’ राजनाथ सिंह का बड़ा दावा, बोले—पटेल ने रोक दिया प्रस्ताव

03 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
‘नेहरू बाबरी मस्जिद पब्लिक फंड से बनवाना चाहते थे…’ राजनाथ सिंह का बड़ा दावा, बोले—पटेल ने रोक दिया प्रस्ताव

‘नेहरू बाबरी मस्जिद पब्लिक फंड से बनवाना चाहते थे…’ राजनाथ सिंह का बड़ा दावा, बोले—पटेल ने रोक दिया प्रस्ताव

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। गुजरात से उठा बयान का तूफान अब देश की राजनीति में हलचल मचा रहा है! एकता मार्च के मंच से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर ऐसा दावा कर दिया, जिसने सियासी गलियारों में आग लगा दी। बाबरी मस्जिद, सोमनाथ मंदिर और भारत रत्न—तीनों को लेकर राजनाथ सिंह ने जो कहा, वह अब राष्ट्रीय बहस बनता जा रहा है।


‘एकता मार्च’ में राजनाथ सिंह का बड़ा हमला

गुजरात के वडोदरा जिले के साधली गांव में मंगलवार को आयोजित ‘एकता मार्च’ के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने पंडित जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) को लेकर कई बड़े दावे किए। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि, नेहरू बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) पब्लिक फंड से बनवाना चाहते थे, लेकिन सरदार पटेल ने इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ने दिया।


“अगर किसी ने रोका, तो सरदार पटेल ने रोका”

रक्षा मंत्री ने सरदार पटेल को असली सेक्युलर बताते हुए कहा, "अगर किसी ने नेहरू के प्रस्ताव का विरोध किया, तो वह सरदार पटेल थे, जिन्होंने साफ किया कि यह रास्ता सही नहीं है।" राजनाथ सिंह ने कहा कि पटेल किसी भी तरह की तुष्टिकरण की राजनीति में विश्वास नहीं रखते थे और उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा।


सोमनाथ मंदिर पर भी नेहरू-पटेल की सोच अलग

रक्षा मंत्री ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि, सरकार का एक भी पैसा नहीं लगा जरूरत के 30 लाख रुपये जनता के दान से आए। एक स्वतंत्र ट्रस्ट ने पुनर्निर्माण कराया। उन्होंने कहा कि जैसे सोमनाथ बना, वैसे ही अयोध्या में राम मंदिर भी जनता के पैसे से बना है, सरकार के नहीं। राजनाथ सिंह बोले, "यही असली सेक्युलरवाद है।"


भारत रत्न को लेकर नेहरू पर सीधा आरोप

राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि, सरदार पटेल के निधन के बाद जब जनता ने उनके स्मारक के लिए पैसे इकट्ठा किए, तो नेहरू ने वह राशि गांवों में कुएं और सड़कें बनवाने में खर्च करने को कह दिया। उन्होंने कहा, "कुएं और सड़कें बनाना तो सरकार की जिम्मेदारी होती है, यह ढोंग था।"

यहीं नहीं रुके रक्षा मंत्री, उन्होंने यहां तक कहा, "नेहरू ने खुद को भारत रत्न दिया, लेकिन उसी समय सरदार पटेल को यह सम्मान क्यों नहीं दिया गया?"


पीएम मोदी ने दिलाया सरदार पटेल को असली सम्मान

राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाई गई स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की सराहना करते हुए कहा— यह वही सम्मान है, जिसके सरदार पटेल हकदार थे। उन्होंने कहा, "कुछ लोगों ने सरदार पटेल की विरासत को छिपाने की कोशिश की, लेकिन मोदी सरकार ऐसा होने नहीं देगी। आज पटेल फिर इतिहास के पन्नों में चमकते सितारे की तरह स्थापित हो चुके हैं।"

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