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राजधानी भोपाल के विकास में भी नए आयाम जोड़े जाएं: डॉ. मोहन यादव

01 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
राजधानी भोपाल के विकास में भी नए आयाम जोड़े जाएं: डॉ. मोहन यादव
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में संचालित विकास योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के नगरों के साथ-साथ राजधानी भोपाल के विकास में भी नए आयाम जोड़े जाएं।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन में आदर्श गौशालाओं के संचालन में मिली सफलता का उल्लेख किया और कहा कि भोपाल में भी इसी मॉडल पर आदर्श गौशाला स्थापित करने के कार्य को गति दी जाए। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास, खनिज, सूचना प्रौद्योगिकी तथा लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से संबंधित योजनाओं पर चर्चा हुई।


 मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


सिंगरौली को आदर्श जिला बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली को आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों से भी चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि नई टाउनशिप के विकास से जिले में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और विभिन्न वर्गों को इसका लाभ मिलेगा। खनिज विभाग के अधिकारियों ने सिंगरौली में माइनिंग सेक्टर की नई संभावनाओं और जिले के समग्र विकास की भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की। बैठक में बताया गया कि जिले में अधोसंरचना विकास के कार्य जारी हैं तथा सिंगरौली विकास प्राधिकरण की गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है।


निजी क्षेत्र में आईटी पार्क को मिले प्रोत्साहन

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निजी क्षेत्र में आईटी पार्क की स्थापना को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जबलपुर के उद्यमी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक हैं। ऐसे उद्यमियों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने टेक्नीकल यूनिवर्सिटी को महत्वपूर्ण कौशल विकास केंद्र के रूप में पहचान दिलाने के प्रयास करने के भी निर्देश दिए।


83 लाख से अधिक परिवारों को मिल रहा नल से जल

लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश जल जीवन मिशन के कार्यों में अग्रणी है। प्रदेश के 83 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश की 38 हजार 403 जल प्रदाय संरचनाओं को जियो टैग किया जा चुका है।

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