
भोपाल। मध्यप्रदेश में सावन का महीना बारिश की झड़ी लगा रहा है।एक सप्ताह से अधिक समय से हर दिन प्रदेश के किसी न किसी जिले में भारी बारिश हो रही है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को तरबतर करने के बाद अब पूर्वी हिस्से में बारिश का असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी हिस्से में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है और मानसूनी टर्फ भी सक्रिय रहेगी। जिसके चलते अगले 3 दिनों तक प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को सागर,नर्मदापुरम,बालाघाट, नरसिंहपुर,मंडला,डिंडोरी,अनूपपुर,शहडोल,कटनी,सीधी मऊगंज और सिंगरौली सहित 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं भोपाल,इंदौर,सीहोर, गुना,रायसेन, राजगढ़,विदिशा,मंदसौर,शाजापुर,बैतूल, छिंदवाड़ा,सिवनी,दतिया,धार,ग्वालियर,हरदा,झाबुआ,मुरैना,नीमच,सतना,मैहर,उमरिया,पटना,खंडवा,खरगोन सहित 43 जिलों में तेज और हल्की बारिश हो सकती है।
भारी बारिश से जलाशयों में बढ़ा पानी
मानसून की एंट्री के बाद से अच्छी बारिश को तरस रहे मध्यप्रदेश के लिए अगस्त का महीना सुखद संदेश की तरह साबित हो रहा है।जून और जुलाई में बारिश को कमी के चलते जहां सूखे जैसे हालात पैदा हो गए थे वहीं सावन की शुरुआत से लगी झड़ी के चलते अब स्थिति में सुधार होता दिखाई दे रहा है।बीते 7 दिनों में अच्छी बारिश होने से जलाशयों में पानी का लेवल बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है।अब तक 12 जिलों भोपाल,गुना,सीहोर,राजगढ़,ग्वालियर,भिंड, अनूपपुर,बुरहानपुर,बड़वानी,खंडवा खरगोन और देवास में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है वहीं 43 जिलो में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है। बारिश के लिहाज से इस साल अगस्त का महीना काफी महत्वपूर्ण है। इस महीने अच्छी बारिश होने से साल भर की जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी हालांकि मानसून सीजन अगले माह भी जारी रहता है लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश का दौर कम ही देखने को मिला है इसलिए अगस्त के बाकी दिनों में सबकी नजर मानसून की गतिविधियों पर टिकी हुई है।
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