
भोपालवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शहर का बहुप्रतीक्षित निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) इस साल नवंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा। करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह ब्रिज नए और पुराने भोपाल को सीधे जोड़ेगा। शनिवार को मंत्री विश्वास सारंग ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
देश का पहला आरओबी, जो 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा
मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि यह आरओबी देश का पहला ऐसा रेलवे ओवरब्रिज होगा, जो एक साथ 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। यह ब्रिज भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 से शुरू होकर छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद करीब 9 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। खास बात यह है कि पीडब्ल्यूडी, रेलवे और एफसीआई जैसे विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक विशेष कमेटी बनाई गई है, ताकि काम में किसी तरह की अड़चन न आए।
रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा आसान
निशातपुरा आरओबी बनने के बाद भोपाल रेलवे स्टेशन आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा। मंत्री सारंग ने बताया कि: करोंद, बैरसिया, बैरागढ़ और विदिशा की ओर से आने वाले लोग सीधे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे।
पुराने शहर से अगर किसी को भेल या आसपास के इलाकों में जाना है, तो उन्हें लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा जैसे रिहायशी इलाकों से भी आवागमन तेज और सुगम हो जाएगा।
यानी यह ब्रिज केवल ट्रैफिक जाम से राहत नहीं देगा, बल्कि पूरे शहर की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा।
भविष्य में एयरपोर्ट तक पहुंच भी होगी आसान
मंत्री सारंग ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में यही आरओबी एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए भी अहम भूमिका निभा सकता है। इसका मतलब यह है कि भोपाल के लोगों को रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट दोनों तक पहुंचने में कम समय लगेगा और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
निर्माण स्थल पर जाकर देखी ब्रिज की डिजाइन
शनिवार को मंत्री विश्वास सारंग खुद निर्माण स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और ब्रिज की डिजाइन भी देखी। इस दौरान महापौर मालती राय, वीरेंद्र पाठक समेत कई जनप्रतिनिधि और समर्थक मौजूद रहे। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि तय समयसीमा में काम पूरा हो और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
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