
भोपाल। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन विदिशा में उन्होंने जो कहा, उसने सबका ध्यान खींच लिया। गडकरी बोले– “मैं अपने शहर में टॉयलेट का पानी बेचता हूं, इससे 300 करोड़ रुपए मिलते हैं, अब कचरा भी बेचने लगा हूं।” उनके इस बयान ने विकास, वेस्ट मैनेजमेंट और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है।
विदिशा को मिली 4400 करोड़ की सौगात
शनिवार को विदिशा में आयोजित मुख्य समारोह में गडकरी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे। कृषि उपज मंडी परिसर में गडकरी ने 181 किलोमीटर लंबी 8 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही शहर को 4400 करोड़ रुपए से अधिक की सड़क योजनाओं और ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों की सौगात मिली।
“अच्छे नेता मिलें तो सही दिशा में परिवर्तन”
गडकरी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा, “मैं छात्र नेता था, गांव में दीवारों पर लिखता था, तब दिल्ली-मुंबई का रास्ता भी नहीं जानता था। सही मार्गदर्शन मिला तो आगे बढ़ा। जब अच्छे नेता मिलते हैं तो बदलाव भी सही दिशा में होता है।” उन्होंने कचरे और पानी से कमाई का उदाहरण देकर संसाधनों के बेहतर उपयोग की बात कही।
शिवराज का चुटकी भरा अंदाज
कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “विदिशा में अगर किसी गली में गड्ढा हो जाए तो लोग आज भी मामा के साथ फोटो लगाकर पोस्ट कर देते हैं। अब गली की सड़क केंद्रीय मंत्री क्या बनाएंगे?” उनकी इस बात पर मंच पर ठहाके गूंज उठे।
“जो काम करता है वही राज करता है” – सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनता काम करने वालों के साथ खड़ी रहती है। उन्होंने गडकरी से उज्जैन के विकास कार्यों के लिए भी आने का आग्रह किया और कहा, “आपको सिर्फ विदिशा तक सीमित नहीं छोड़ेंगे।”
द्रौपदी की थाली जैसा है मेरा विभाग – गडकरी
मांगों की लंबी सूची पर गडकरी ने मजाकिया अंदाज में कहा, “मेरे पास द्रौपदी की थाली है, कितने भी लोग आ जाएं, थाली कभी खाली नहीं होती।” उन्होंने बताया कि वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले ट्रैक्टरों से किसानों की लाखों की बचत होगी।
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