
भोपाल। मध्य प्रदेश में जल्द ही संपत्ति की रजिस्ट्री व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। अब जमीन, मकान या प्लॉट की रजिस्ट्री कराने के लिए आपको अपने जिले के पंजीयन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। भोपाल के अरेरा हिल्स में तैयार किए जा रहे साइबर पंजीयन कार्यालय से प्रदेश के किसी भी जिले की रजिस्ट्री एक क्लिक में हो जाएगी। वो भी — पूरी तरह वर्चुअली!
कैसे बदलेगी रजिस्ट्री की व्यवस्था?
➡ अरेरा हिल्स स्थित साइबर ऑफिस से साइबर सब-रजिस्ट्रार ऑनलाइन रजिस्ट्री करेंगे
➡ खरीदार चाहे किसी भी जिले में जमीन खरीद रहा हो, रजिस्ट्री भोपाल से ही संभव
➡ विदेश में बैठे NRI तक रजिस्ट्री करा सकेंगे — ट्रायल में सफलता मिल चुकी
यानी कागज़, दफ्तर और यात्राओं की झंझट खत्म!
लेकिन निगरानी पर उठे सवाल…
विशेषज्ञों का मानना है कि, सुविधा बढ़ेगी, पर विवादित संपत्तियों की निगरानी कमजोर हो सकती है। जिलों में जिन जमीनों पर स्टे, विवाद या कार्रवाई चल रही है, उन्हें भोपाल से पकड़ पाना मुश्किल होगा!
रियल एस्टेट जानकार प्रमोद द्विवेदी कहते हैं, "स्थानीय प्रशासन अवैध कॉलोनियों या विवादित संपत्तियों पर तुरंत रोक लगा देता है, लेकिन भोपाल में सिस्टम केंद्रीकृत होने से यह नियंत्रण ढीला पड़ने का खतरा है।" उनका यह भी कहना है की, "जिलों के राजस्व लक्ष्य प्रभावित होंगे और विवादित संपत्तियों की रजिस्ट्री रोक पाना कठिन हो जाएगा।"
साइबर सब-रजिस्ट्रार की नियुक्ति शुरू
पंजीयन विभाग ने अक्टूबर में नोटिफिकेशन जारी कर दिया थ, अब नियुक्तियों और सिस्टम अपग्रेड का काम तेज। प्रशासनिक नियंत्रण, सुरक्षा और तकनीकी जोखिमों को लेकर नई चुनौतियों की आशंका भी जताई जा रही है।
MP की रजिस्ट्री व्यवस्था हाई-टेक, लेकिन जोखिम के साथ
नई व्यवस्था डिजिटल इंडिया की ओर एक बड़ा कदम है,
मगर सवाल यह —
क्या वर्चुअल सिस्टम से जमीन घोटाले और बढ़ेंगे?
जनता को धोखाधड़ी से बचाने की गारंटी कैसे होगी?
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