
सावन में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की दर्शन व्यवस्था और नगर की यातायात प्रणाली में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। प्रशासन ने नई व्यवस्था को अगले दो-तीन दिनों में लागू करने का निर्णय लिया है।
बुधवार शाम पुलिस कंट्रोल रूम, ओंकारेश्वर में आयोजित बैठक में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि इन बदलावों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराना तथा भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
सामान्य श्रद्धालुओं के लिए बदला प्रवेश मार्ग
नई व्यवस्था के तहत सामान्य श्रद्धालु सुखदेव मुनि द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। यहां से सीढ़ियों के रास्ते मंदिर तक पहुंचने के बाद श्रद्धालु गर्भगृह से लगभग 10 फीट की दूरी से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करेंगे।
दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी चांदी गेट से होगी और उन्हें झूला पुल मार्ग से बाहर भेजा जाएगा। इससे मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
शीघ्र दर्शन और प्रोटोकॉल श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था
प्रशासन ने शीघ्र दर्शन और प्रोटोकॉल श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश मार्ग तय किया है।
वर्तमान एग्जिट गेट को प्रोटोकॉल प्रवेश द्वार बनाया जाएगा।
इस मार्ग से आने वाले श्रद्धालु दर्शन के बाद लकड़ी गेट से बाहर निकलेंगे।
अधिकारियों का मानना है कि अलग प्रवेश और निकासी व्यवस्था से दर्शन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित रहेगी।
नगर में वन-वे ट्रैफिक रहेगा लागू
सावन के दौरान पूरे ओंकारेश्वर नगर में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी और सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करना होगा।
टिकट काउंटर भी होंगे स्थानांतरित
प्रशासन ने प्रोटोकॉल और शीघ्र दर्शन के टिकट काउंटरों को ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में स्थानांतरित करने का फैसला लिया है। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने में सुविधा मिलेगी।
कलेक्टर ऋषव गुप्ता के अनुसार नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सावन के दौरान बढ़ने वाली भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
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