
भोपाल। आज कूनो नेशनल पार्क सिर्फ जंगल नहीं, इतिहास बनने जा रहा है। इंटरनेशनल चीता-डे के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कूनो के जंगल में तीन चीतों को खुले आसमान के नीचे आज़ाद करेंगे। यह सिर्फ चीता रिलीज नहीं, बल्कि भारत में वन्यजीव संरक्षण की एक और साहसिक शुरुआत है। जिस पल तीन चीते एनक्लोजर से बाहर दौड़ेंगे, वह पल मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश के लिए खास होगा।
दोपहर 2:30 बजे श्योपुर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज गुरुवार दोपहर लगभग 2:30 बजे श्योपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे कूनो नेशनल पार्क जाएंगे और चीता रिलीज कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। प्रशासन ने उनके आगमन को देखते हुए पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट कर दिया है।
हेलिपैड से लेकर रिलीज स्थल तक सख्त इंतजाम
कूनो में कार्यक्रम को लेकर श्योपुर और शिवपुरी जिले के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने तैयारियों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा और एसपी सुधीर अग्रवाल ने पार्क के अहेरा गेट, हेलीपैड और चीता रिलीज प्वाइंट पर जाकर व्यवस्थाओं को परखा। इसके साथ ही शिवपुरी जिले में अहेरा गांव के पास बनाए गए अस्थायी हेलीपैड का भी निरीक्षण किया गया, जहां शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौर भी मौजूद रहे।
सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर साफ निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आगमन मार्ग से लेकर रिलीज स्थल तक यातायात व्यवस्था, सुरक्षा घेरा और वन विभाग की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम के समय सुरक्षा प्रोटोकॉल और पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
कौन से चीते होंगे खुले जंगल में रिलीज?
वन विभाग के अनुसार कूनो नेशनल पार्क में एनक्लोजर में रखे गए चीतों में से मादा चीता वीरा और उसके दो 10 महीने के शावक आज खुले जंगल में छोड़े जाएंगे। तीनों चीते लंबे समय से निगरानी में थे और अब उन्हें प्राकृतिक परिवेश में जीवन के लिए तैयार माना गया है।
अभी कूनो में कितने चीते हैं?
फिलहाल कूनो नेशनल पार्क में कुल 29 चीते हैं, जिनमें से 16 चीते पहले से खुले जंगल में घूम रहे हैं। आज तीन और चीतों के खुले में जाने से यह संख्या और बढ़ जाएगी। यह भारत में चीता पुनर्वास परियोजना के लिए एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।
हाईटेक ट्रैकिंग सिस्टम से होगी निगरानी
चीता रिलीज को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क है। विभाग ने बताया कि उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम, निगरानी टीम और सुरक्षा उपकरणों की तैनाती कर दी गई है। इसके जरिए हर चीते की मूवमेंट पर रीयल टाइम नजर रखी जाएगी और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जाएगा।
जंगल में छोड़ने का उद्देश्य क्या है?
चीता रिलीज का उद्देश्य चीतों को पूरी तरह प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप ढालना है। उन्हें जंगली जीवन के अनुकूल बनाना, प्राकृतिक शिकार की आदत विकसित करना और मानव हस्तक्षेप से दूर स्वतंत्र जीवन देना इस प्रक्रिया का मुख्य लक्ष्य है। इससे जंगल का प्राकृतिक संतुलन भी बेहतर होगा।
CM आज करेंगे ये बड़े लॉन्च भी
कूनो में होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव सिर्फ चीते ही रिलीज नहीं करेंगे, बल्कि कई अहम पहलुओं की शुरुआत भी करेंगे। वे—
कूनो नेशनल पार्क का 2026 कैलेंडर जारी करेंगे,
“फ्री-रेंजिंग चीतों के क्लिनिकल मैनेजमेंट के लिए फील्ड मैनुअल” का विमोचन करेंगे,
और पार्क की नई सुविनियर शॉप का उद्घाटन करेंगे।
इन पहलों से पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा और वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।
प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त तैयारी
कूनो में कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। श्योपुर के कलेक्टर, एसपी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चीता रिलीज प्वाइंट पर हर व्यवस्था को अंतिम रूप दिया है। निरीक्षण में डीएफओ आर. थिरुकुराल, एएसपी प्रवीण भूरिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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