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'एक बीघा खेती, एक लाख कमाई!' CM मोहन यादव का बड़ा एलान, किसानों के लिए विदेशी यात्रा और हाईटेक मंडियों का प्लान

06 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
'एक बीघा खेती, एक लाख कमाई!' CM मोहन यादव का बड़ा एलान, किसानों के लिए विदेशी यात्रा और हाईटेक मंडियों का प्लान

'एक बीघा खेती, एक लाख कमाई!' CM मोहन यादव का बड़ा एलान, किसानों के लिए विदेशी यात्रा और हाईटेक मंडियों का प्लान

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। खेती अब सिर्फ गुज़र-बसर नहीं, बल्कि मुनाफे का मॉडल बनेगी! मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए ऐसा ऐलान किया है, जिसने कृषि जगत में हलचल मचा दी है। सीएम ने कहा कि जो किसान “एक बीघा से एक लाख रुपये” की कमाई कर रहे हैं, उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इतना ही नहीं, किसानों को आधुनिक खेती सीखने के लिए विदेशों के भ्रमण पर भेजने की भी योजना है। 


किसानों को मिलेगा सीधा बाजार, खत्म होंगे बिचौलिए

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से साफ कहा कि किसानों को बिचौलियों से बचाने और उन्हें उनकी उपज का पूरा लाभ दिलाने के लिए ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए, जिससे किसान सीधे बाजार से जुड़ सकें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “एक बीघा से एक लाख रुपये की कमाई करने वाले किसानों को सम्मानित किया जाए।”


अचानक टली बैठक, फिर हुई बड़ी समीक्षा

किसान कल्याण एवं कृषि विभाग की दो साल की समीक्षा बैठक दो दिन पहले अचानक टाल दी गई थी क्योंकि मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना हो गए थे। शुक्रवार को लौटने के बाद सीएम ने विभाग के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ तीन साल की योजना पर विस्तार से चर्चा की।


नर्सरी से लेकर खाद व्यवस्था तक बड़ा प्लान

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि—

हर संभाग में नर्सरियों को आदर्श रूप में विकसित किया जाए।

नरवाई प्रबंधन के लिए तीन वर्ष की ठोस कार्ययोजना बने।

खाद की उपलब्धता के लिए अपडेट टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम लागू हो।

उद्यानिकी फसलों को प्रोत्साहन देने के लिए गांव-स्तर पर सघन गतिविधियां हों।


आगामी तीन साल की कृषि कार्ययोजना

सरकार का मास्टर प्लान 2025-28

1. जैविक हाट बाजार

 प्रदेश के सभी 363 नगरपालिका और नगर पंचायतों में साप्ताहिक जैविक व प्राकृतिक हाट बाजार लगाए जाएंगे।

2. पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना

2025-26: 25 हजार हेक्टेयर

2026-27: 1 लाख हेक्टेयर

2027-28: 2 लाख हेक्टेयर

3. नरवाई प्रबंधन

 2027-28 तक पराली जलाने की घटनाओं में 80% कमी का लक्ष्य।

4. मंडियां होंगी हाईटेक

 आगामी दो वर्षों में प्रदेश की सभी मंडियों को हाईटेक बनाया जाएगा।

5. आत्मनिर्भरता मिशन

 तिलहन-दलहन फसलों में आत्मनिर्भर बनने के लिए रकबा बढ़ाया जाएगा।

6. लैब से खेत तक तकनीक

 कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देकर प्रयोगशाला और खेत की दूरी कम की जाएगी।


कृषि विभाग की बड़ी उपलब्धियां

दाल, तिलहन, मक्का उत्पादन में देश में पहला स्थान।

खाद्यान्न, गेहूं उत्पादन में देश में दूसरा स्थान।

उर्वरक वितरण

2024-25:

यूरिया: 38.10 लाख मीट्रिक टन

डीएपी+एनपीके: 21.41 लाख मीट्रिक टन

2025-26:

यूरिया: 29.77 लाख मीट्रिक टन

डीएपी+एनपीके: (30 नवम्बर तक) 19.42 लाख मीट्रिक टन


➡️ फसल बीमा भुगतान

2023-24: 1.77 करोड़ किसानों को ₹961.68 करोड़

2024-25: 1.79 करोड़ किसानों को ₹1275.86 करोड़


➡️ मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि

2023-24: ₹4,687 करोड़

2024-25: ₹4,849 करोड़

2025-26: ₹3,374 करोड़


तकनीक के दम पर बदलेगी खेती

सभी 259 मंडियों में ई-मंडी योजना लागू।

ई-मंडी को स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड।

एमपी फॉर्म गेट ऐप को स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड।

ड्रोन पायलट स्कूल भोपाल और इंदौर में शुरू।

ई-विकास पोर्टल का पायलट प्रोजेक्ट विदिशा, शाजापुर और जबलपुर में सफल, जल्द पूरे प्रदेश में लागू।


अफसरों को सख्त निर्देश

“समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” टैगलाइन के साथ कृषि वर्ष मनाया जाएगा।

कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर ज़ोर।

किसानों को विदेशी भ्रमण कराया जाएगा।

राज्य से जिला स्तर तक कृषि महोत्सव और मेले।

वर्ष 2026 तक प्राकृतिक खेती हर गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य।

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