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जनजातियों के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक विकास के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध: डॉ. मोहन यादव

12 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Cm dr mohan yadav

Cm dr mohan yadav

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में भगवान बिरसा मुंडा की 150 जयंती व जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ऑल इंडिया एनजीओ मीट का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जनजातियों के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक विकास के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है। 

केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘हम गौरव से भरे हैं कि मध्यप्रदेश, देश का सर्वाधिक जनजातीय आबादी वाला प्रदेश है। प्रदेश में जनजातीय वर्ग की 21 प्रतिशत आबादी निवास करती है। जनजातीय वर्ग के लोग प्रकृति का संरक्षण करते हुए इसी की छाया में अपना जीवन बिताते हैं। जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को बेहद गौरवपूर्ण तरीके से मनाई जाएगी। जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए विचार मंथन जरूरी है। इसके लिए देशभर से स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी भोपाल में एकत्रित हुए हैं। इस विचार मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमारी पूंजी है। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार में जनजातीय वर्ग से जुड़े कल्याण कार्यों के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए नवाचारों के धनी हैं। उन्होंने जनजातीय वर्ग के चिकित्सकों को माला के स्थान पर आला भेंटकर न केवल सम्मान किया वरन सभी को सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया।

 

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनजातियों का लौटा है गौरव 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जनजातियों का घर है। देश में सबसे ज्यादा जनजातियां मध्यप्रदेश में निवास करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातियों का गौरव लौटा है। हमारे प्रधानमंत्री मोदी उन्हें पूज रहे हैं। आज राष्ट्रपति भवन से लेकर गांवों के पंचायत भवनों तक जनजातीय भाई-बहनों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है। पीएम जन-मन और धरती आबा जैसे अभियान जनजातीय भाई-बहनों के सशक्तिकरण का आधार बन रहे हैं। गरीब कल्याण के लिए चलाई जा रही अनेक योजनाओं से जनजातीय भाई-बहनों का जीवन आसान हुआ है। पेसा नियमों ने जनजातीय भाई-बहनों को सशक्त बनाया है।

 

कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी 

कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर जनरल अंशु सिंह, पद्मश्री महेश शर्मा, स्वामी रामकृष्ण मिशन से आए स्वामी अनुरागानंद जी, सुरेश स्वामी, मुकेश गौर, किशोर धाकड़े, राजाराम कटारा, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, आयुक्त जनजातीय कार्य सतेंद्र सिंह, प्रीति मैथिल सहित बड़ी संख्या में देश-प्रदेश से आए गैर-सरकारी संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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