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भारत को युद्ध की धमकी देना शहबाज को पड़ा भारी, UN में पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी

26 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भारत को युद्ध की धमकी देना शहबाज को पड़ा भारी, UN में पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत के खिलाफ कड़े तेवर दिखाए। सिंधु नदी के पानी को लेकर उन्होंने भारत को युद्ध की चेतावनी तक दे डाली, साथ ही कश्मीर और 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष का मुद्दा भी उठाया।


शहबाज के भाषण के बाद भारत ने भी जवाब देने में देर नहीं की। UN में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के दावों पर सवाल उठाते हुए आतंकवाद, PoK, ओसामा बिन लादेन और पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था तक का मुद्दा उठा दिया।


सिंधु जल पर शहबाज की युद्ध वाली चेतावनी

25 सितंबर 2026 को UN महासभा के 81वें सत्र में बोलते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के सिंधु जल को रोकने, बाधित करने या उसका रुख बदलने की कोशिश को उनका देश 'Act of War' मानेगा।


पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत के सिंधु जल संधि को होल्ड पर रखने के फैसले को भी निशाना बनाया और इसे कानूनी आधार से रहित बताया।


शहबाज ने यह दावा भी किया कि UN विशेषज्ञों और Court of Arbitration की राय से पाकिस्तान का रुख मजबूत हुआ है।


कश्मीर का राग भी छेड़ा

अपने भाषण में शहबाज ने कश्मीर को पाकिस्तान के लिए बेहद अहम बताते हुए इसे अपनी 'गर्दन की नस' करार दिया।


उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए कश्मीर मुद्दे का समाधान जरूरी है। पाकिस्तान लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाता रहा है।


2025 की लड़ाई को लेकर भी बड़ा दावा

शहबाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान के पिछले सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए पाकिस्तानी सेना को कामयाब बताया। उन्होंने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत को जवाब देने का दावा किया। यही दावा भारत के जवाब का एक प्रमुख निशाना बना।


भारत ने कहा- रनवे और हैंगर तबाह होना जीत है तो जश्न मनाइए

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के जीत के दावे पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय कार्रवाई में पाकिस्तान के सैन्य एयरबेस को हुए नुकसान के सैटेलाइट सबूत और तस्वीरें दुनिया के सामने हैं। भारत की ओर से कहा गया कि अगर तबाह रनवे और जले हुए हैंगर पाकिस्तान को जीत दिखाई देते हैं, तो वह अपनी इस 'काल्पनिक जीत' का जश्न मना सकता है। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की सेना ने खुद सीजफायर की मांग की थी।


आतंकवाद पर भारत का दो टूक संदेश

पेटल गहलोत ने UN में पाकिस्तान की सीमा पार आतंकवाद की नीति पर सीधा हमला बोला। भारत ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा का अधिकार वह इस्तेमाल करता रहेगा और पाकिस्तान की ओर से होने वाले आतंकवाद के परिणाम होंगे। गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान बार-बार एक ही तरह के दावों को दोहराकर उन्हें सच नहीं बना सकता।


ओसामा बिन लादेन का भी जिक्र

भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान के आतंकवाद संबंधी रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए ओसामा बिन लादेन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 9/11 हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तान में रहा था और आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के दावों को उसके रिकॉर्ड के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।


कश्मीर पर भारत ने पूछा- PoK का क्या?

पाकिस्तान की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) की स्थिति का सवाल उठाया। भारत ने कहा कि वहां के लोगों से लंबे समय से जारी हिंसा, मनमानी हत्याओं और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने को लेकर सवाल होना चाहिए।


पाकिस्तान की सेना और लोकतंत्र पर भी निशाना

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था में सेना की भूमिका का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन और सत्ता संरचना से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाए।


'फॉर्म 47 सरकार' कहकर शहबाज पर तंज

भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पर राजनीतिक तंज भी कसा। पेटल गहलोत ने शहबाज शरीफ की सरकार के लिए 'फॉर्म 47 सरकार' शब्द का इस्तेमाल किया। यह शब्द पाकिस्तान में विपक्ष, खासकर PTI और उसके समर्थकों द्वारा शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका संबंध फरवरी 2024 के आम चुनाव के बाद लगे चुनावी हेरफेर के आरोपों से है। फॉर्म 47 चुनावी परिणामों का आधिकारिक संकलित दस्तावेज है। विपक्ष का आरोप रहा है कि फॉर्म 47 में दर्ज आंकड़े मतदान केंद्रों के फॉर्म 45 से मेल नहीं खाते और परिणाम तैयार करने में हेरफेर हुई।


धार्मिक असहिष्णुता पर भी भारत का पलटवार

शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में इस्लामोफोबिया, मुस्लिमों के खिलाफ नफरत, भेदभाव और धार्मिक स्थलों पर हमलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने भारत पर RSS से प्रभावित विचारधारा के जरिए धार्मिक नफरत बढ़ाने का आरोप भी लगाया। भारत ने इसके जवाब में पाकिस्तान में धार्मिक असहिष्णुता और अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा उठाया। गहलोत ने ईशनिंदा कानूनों, कट्टरता और नफरत के रिकॉर्ड का उल्लेख किया।


ट्रंप की तारीफ भी की

शहबाज ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को कम कराने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की तारीफ की। उनके अनुसार ट्रंप की कोशिशों से दोनों देशों के बीच बड़ा टकराव टल गया। शहबाज ने कहा कि दक्षिण एशिया को फिर ऐसे हालात में नहीं पहुंचना चाहिए।


होर्मुज और बाब-अल-मंदेब पर भी बोले

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बताया। उन्होंने इन रास्तों को खुला रखने की अपील की और कहा कि इनके बंद होने का असर पश्चिम एशिया से आगे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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