
भोपाल। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मंगलवार को दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया। अजयगढ़ जनपद के बीहरपुरवा गांव में कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे 5 मजदूर जिंदा दब गए। अब तक 3 शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि दो मजदूरों की तलाश जारी है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हादसे के कई घंटे बाद भी मौके पर प्रशासनिक मदद नहीं पहुंचने का आरोप लग रहा है।
पानी पीने बाहर निकले दो मजदूर, पीछे से ढह गया कुआं
जानकारी के मुताबिक, नयापुरवा निवासी बिन्नू अहिरवार के खेत में पिछले करीब 10 दिनों से कुएं की खुदाई चल रही थी। मंगलवार दोपहर काम के दौरान दो मजदूर पानी पीने के लिए ऊपर आए थे। इसी दौरान कुएं के अंदर की गीली और कमजोर मिट्टी अचानक भरभराकर गिर गई। देखते ही देखते अंदर काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर गांव में हड़कंप मच गया।
तीन शव निकाले गए, दो मजदूरों की तलाश जारी
हादसे में चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव, चुनवाद पाल समेत एक अन्य मजदूर दब गए। ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभालते हुए जेसीबी मशीन बुलवाई और राहत कार्य शुरू किया। अब तक राजकुमार यादव, चुनवाद पाल और एक अन्य मजदूर के शव बाहर निकाले जा चुके हैं। बाकी मजदूरों को निकालने की कोशिश लगातार जारी है। गांव में मातम पसरा हुआ है।
“कुआं पहले से खतरनाक था”, परिजनों का आरोप
मृतक मजदूरों के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि कुआं पहले से ही बेहद खतरनाक हालत में था। पिछले साल हुई खुदाई और पानी भरने की वजह से उसकी मिट्टी कट चुकी थी। परिजनों का दावा है कि मजदूर वहां काम करने से डर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद काम बंद नहीं कराया गया। इसी आरोप ने अब पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
350 की जगह 500 रुपए दिहाड़ी देकर बुलाए गए मजदूर?
परिवार वालों ने सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सामान्य तौर पर मजदूरों को 350 रुपए दिहाड़ी मिलती थी, लेकिन इस खतरनाक काम के लिए 500 रुपए देने का लालच दिया गया। गरीबी और मजबूरी में मजदूर काम करने पहुंचे और हादसे का शिकार हो गए। चार मजदूर एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं, जिससे गांव में दुख और गुस्सा दोनों बढ़ गए हैं।
“सरपंच भाग गया, प्रशासन नहीं पहुंचा”
ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि हादसे के घंटों बाद तक सरकारी रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची। गांव वालों ने खुद मशीनें मंगाकर मलबा हटाने का काम शुरू किया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के तुरंत बाद सरपंच मौके से फरार हो गया। फिलहाल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
रोते-बिलखते परिजनों ने मुख्यमंत्री से न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि लापरवाही और भ्रष्टाचार की वजह से गरीब मजदूरों की जान चली गई। फिलहाल गांव में तनाव और दुख का माहौल बना हुआ है।
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