
भोपाल। इस साल नवंबर की शुरुआत से मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रविवार को हवाओं का रुख बदलने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में आंशिक बढ़ोतरी देखने को मिली। बीते 24 घंटों में राजधानी भोपाल का अधिकतम तापमान 27.7 और न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री दर्ज किया गया।यह लगातार 16वां दिन था जब शहर का तापमान 10 डिग्री से कम रहा और शहर में शीतलहर चली। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रही मौसमी प्रणाली के कारण बदलाव देखने को मिल रहा है इसके चलते मौसम में आशिक बढ़ोतरी हो रही है वहीं दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र भी बन रहा है जो पश्चिम उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ते हुए दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी में अवदाब में बदल सकता है इसके प्रभाव से हवाओं का रुख उत्तरी से हटकर पूर्वी और उत्तर पूर्वी दिशा में चला गया है इस बदलाव का सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और पारे में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
दिसंबर में फिर होगी तापमान में गिरावट
आने वाले सप्ताह तक कड़ाके की ठंड से राहत रहने की संभावना है हालांकि सुबह और देर रात सर्द हवा अभी भी महसूस होगी। अब दिन और रात की तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है जिसे ठंड की तीव्रता में कमी आएगी।वहीं दिसंबर के महीने में प्रदेश में एक बार फिर तापमान में भारी गिरावट देखने को मिलेगी और कड़ाके की ठंड का दौर लौटेगाम गौरतलब है कि इस साल भोपाल की सर्दी ने नवंबर में पिछले 84 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया वहीं इंदौर में भी पिछले 25 सालों में सबसे ज्यादा सर्दी का रिकॉर्ड टूट गया है।इस साल सर्दी का सीजन भी ज्यादा लंबा चलने की संभावना है। मार्च के महीने में पहले पखवाड़े तक इसका असर रह सकता है।
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