
भोपाल। देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम लोगों की चिंता फिर बढ़ा दी है। मंगलवार से ईंधन के दामों में 90 पैसे प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी लागू हो गई। खास बात यह है कि एक हफ्ते से भी कम समय में दूसरी बार कीमतें बढ़ी हैं। 15 मई को ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम 3-3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए थे। अब लगातार बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम आदमी की जेब पर दिखाई देने लगा है।
भोपाल समेत कई शहरों में पेट्रोल 110 रुपए के पार
नई कीमतों के बाद मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल का रेट 110 रुपए प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गया है। भोपाल में अब पेट्रोल 110.75 रुपए और डीजल 95.91 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं इंदौर और जबलपुर में पेट्रोल 110.79 रुपए पहुंच गया है। ग्वालियर में पेट्रोल 110.69 रुपए और उज्जैन में सबसे ज्यादा 111.27 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया। लगातार बढ़ते रेट्स ने निजी वाहन इस्तेमाल करने वालों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
डीजल के नए रेट ने भी बढ़ाई ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चिंता
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर भी दिख सकता है। उज्जैन में डीजल 96.40 रुपए, इंदौर में 95.97 रुपए, जबलपुर में 95.98 रुपए और ग्वालियर में 95.86 रुपए प्रति लीटर हो गया है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
छिंदवाड़ा में पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लिमिट लागू
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में हालात इतने सख्त हो गए हैं कि पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, दोपहिया वाहनों को सिर्फ 200 रुपए और छोटी कारों को अधिकतम 500 रुपए तक का पेट्रोल दिया जा रहा है। वहीं बड़ी गाड़ियों के लिए 50 लीटर पेट्रोल और 200 लीटर डीजल की सीमा तय की गई है। इस फैसले के बाद कई पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है और वाहन चालक भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
तेल कंपनियों की ऑनलाइन निगरानी, नियम तोड़े तो मशीन लॉक
तेल कंपनियों ने डीलर्स को मौखिक निर्देश जारी किए हैं कि तय सीमा से ज्यादा ईंधन नहीं बेचा जाए। पेट्रोल पंपों के स्टॉक और बिक्री की अब सीधे ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। चेतावनी दी गई है कि यदि किसी पंप ने लिमिट से ज्यादा फ्यूल बेचा, तो उसकी मशीन तुरंत लॉक की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, कई पंपों पर वाहनों की टैंक क्षमता का सिर्फ 25 प्रतिशत ईंधन ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
नया टैंकर तभी भेजा जा रहा जब पुराना स्टॉक खत्म होने लगे
रिपोर्ट्स के मुताबिक तेल कंपनियां नया टैंकर तभी भेज रही हैं, जब पुराने स्टॉक के लगभग खत्म होने की स्थिति बन जाती है। इस वजह से कई पेट्रोल पंपों पर सप्लाई का दबाव बढ़ गया है। वाहन चालकों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है और कई जगह सीमित बिक्री के बोर्ड भी लगाए गए हैं। अगर अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति रही, तो कई जिलों में फ्यूल मैनेजमेंट और सख्त हो सकता है।
उज्जैन में कथा के दौरान दिलाई गई पेट्रोल-डीजल बचाने की शपथ
इधर उज्जैन में बढ़ती ईंधन कीमतों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अलग पहल देखने को मिली। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान राष्ट्रीय संत डॉ. संतोष महाराज ने श्रद्धालुओं को पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने की शपथ दिलाई। उन्होंने अपील की कि लोग सप्ताह या महीने में कम से कम एक दिन पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों का उपयोग न करें। उन्होंने ई-स्कूटर, ई-रिक्शा और साइकिल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि पर्यावरण के साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके।
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