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धार-झाबुआ के भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित स्थानों को श्रीकृष्ण पाथेय में जोड़ेंगे: डॉ. मोहन यादव

12 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Cm dr mohan yadav

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Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को झाबुआ के ग्राम समोई में आयोजित श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि धार और झाबुआ में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से संबंधित स्थानों को श्रीकृष्ण पाथेय में शामिल कर तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज झाबुआ-निमाड़ में आनंद बरस रहा है। यह महोत्सव परंपरा, भक्ति, समाज सुधार और आध्यात्मिक एकता का अद्भुत संगम है। उन्होंने प्रणामी सम्प्रदाय के अनुयायियों और समाज के लोगों को धर्म महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। समोई में कार्यक्रम स्थल पर संतों के साथ अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, धार-झाबुआ सांसद अनीता नागर सिंह चौहान और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अद्भुत रहा है। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। भगवान श्रीकृष्ण को अपना आराध्य मानने वाले प्रणामी सम्प्रदाय के की ओर से आयोजित श्रीकृष्ण प्रणामी महोत्सव सर्वधर्म संभाव और सनातन मूल्यों को आगे बढ़ा रहा है। 

 

400 वर्ष पूर्व सदगुरु देवचन्द्र महाराज ने शुरू किया था प्रणामी संप्रदाय

मुख्यमंत्री ने कहा कि 400 वर्ष पूर्व सदगुरु देवचन्द्र जी महाराज की ओर से शुरू किए गए प्रणामी संप्रदाय के लिए वे आज अखण्ड सनातन परंपरा का प्रकाश स्तंभ है। प्रणामी सम्प्रदाय का व्यापक प्रचार-प्रसार प्राणानाथ स्वामी और उनके शिष्य महाराज छत्रसाल ने किया था। प्रणामी संप्रदाय के प्रमुख 3 धामों में से एक धाम पद्मावती पुरी है, जो कि हमारे प्रदेश के पन्ना शहर में है। श्रीकृष्ण प्रणामी धर्म एक ऐसा मार्ग है, जो कृष्ण भक्ति, आध्यात्मिक ज्ञान और सार्वभौमिक भाईचारे के सिद्धांतों पर आधारित है।



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