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गुना का मास्टर प्लान 2047: न्यायिक गलियारा, शिक्षा हब और रिंग रोड से बदलेगी शहर की सूरत

02 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
गुना का मास्टर प्लान 2047: न्यायिक गलियारा, शिक्षा हब और रिंग रोड से बदलेगी शहर की सूरत

गुना का मास्टर प्लान 2047: न्यायिक गलियारा, शिक्षा हब और रिंग रोड से बदलेगी शहर की सूरत

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

गुना। कभी संकरी सड़कों और भीड़भाड़ से जूझता गुना अब खुद को नए कलेवर में ढालने की तैयारी में है। शहर और जिले को 2047 तक कैसा होना चाहिए, इसकी तस्वीर जिला प्रशासन ने खींच ली है। मास्टर प्लान के मुताबिक प्रशासनिक दफ्तरों से लेकर शिक्षा, न्याय व्यवस्था और सड़क नेटवर्क तक, हर चीज को नए सिरे से बसाने की कवायद शुरू हो चुकी है। यही वजह है कि हाल ही में जगनपुर में एसडीएम कार्यालय और तहसील को शिफ्ट किया गया है और शहर के चारों तरफ नई बसाहट की नींव रखी जा रही है।


संकरी गलियों से निजात की तैयारी

गुना शहर की सबसे बड़ी परेशानी बन चुकी हैं उसकी तंग गलियां और बढ़ता ट्रैफिक। दरअसल, पहले कलेक्ट्रेट को शहर से तीन-चार किलोमीटर दूर ले जाने की योजना बनी थी, लेकिन 2017 में नया कलेक्ट्रेट पुराने परिसर के पास ही बन गया। नतीजा यह हुआ कि सदर बाजार और आसपास के इलाकों पर दबाव और बढ़ गया। अब 2047 के मास्टर प्लान में यह गलती दोहराने से बचा जा रहा है। प्रशासन का फोकस है कि नए प्रशासनिक और संस्थागत भवन शहर से बाहर की दिशा में विकसित किए जाएं, ताकि आने वाले वर्षों में ट्रैफिक और आबादी का संतुलन बना रहे।


जगनपुर बनेगा प्रशासनिक और न्यायिक केंद्र

शहर से करीब दो किलोमीटर दूर बसे जगनपुर को नए गुना की नींव माना जा रहा है। यहां नगर पालिका की गरीबों के लिए आवास योजना के तहत आठ बीघा भूमि पर 1800 फ्लैट पहले ही बन चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इनका आवंटन हो चुका है और अब 750 नए फ्लैट तैयार होकर जल्द ही हितग्राहियों को सौंपे जाएंगे। यहीं जिला न्यायालय और न्यायिक अधिकारियों के आवास बनाने की योजना है। इसके लिए राजस्व विभाग ने 16 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग यहां मॉडल कॉलेज का निर्माण करा चुका है और सीएम राइज स्कूल भवन का प्रस्ताव भी इसी इलाके में है। हाल ही में एसडीएम कार्यालय और तहसील के स्थानांतरण के बाद जगनपुर धीरे-धीरे प्रशासनिक और न्यायिक गलियारे के रूप में उभरने लगा है।


सिंगवासा चक: शिक्षा और उद्योग का हब

गुना से चार किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पिपरौदा खुर्द का सिंगवासा चक अब शिक्षा और उद्योग का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां नगर पालिका ने पहले ही आमोद-प्रमोद पार्क तैयार करा दिया है। इसके पीछे करीब 120 बीघा भूमि क्रांतिवीर तात्याटोपे यूनिवर्सिटी के लिए चिन्हित की गई है। इसी क्षेत्र में अडाणी सीमेंट फैक्टरी का संचालन प्रस्तावित है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यूनिवर्सिटी के पास लॉ कॉलेज के लिए भी राजस्व विभाग ने जमीन आवंटित कर दी है। सहकारिता विभाग का ग्रेडिंग प्लांट बन रहा है और एबी रोड पर आरटीओ कार्यालय भवन पहले ही तैयार हो चुका है। यही नहीं, सिंगवासा चक क्षेत्र में रिंग रोड और अंडर ब्रिज बनाने की भी योजना है, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक का बोझ कम होगा।


नेगमा और ऊमरी रोड पर नई संभावनाएं

गुना से छह किलोमीटर दूर ऊमरी रोड पर नेगमा के आसपास भी कई प्रोजेक्ट लाइन में हैं। पहले यहां एयरपोर्ट के लिए जमीन चिन्हित की गई थी, हालांकि बाद में एयरपोर्ट का प्रस्ताव दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया। इसके बावजूद नेगमा, मोहनपुरकलां, मंगवार, रानीगंज और मोतीपुरा जैसे गांवों में अलग-अलग विकास परियोजनाओं पर काम की तैयारी है। इन क्षेत्रों में नई सड़कें, संस्थान और आवासीय कॉलोनियां विकसित की जाएंगी, ताकि शहर का फैलाव संतुलित तरीके से हो सके।


2047 तक सत्ता का केंद्र बनेगा गुना

जिला प्रशासन का मानना है कि अगर यह मास्टर प्लान तय समय पर जमीन पर उतर गया तो 2047 तक गुना सिर्फ जिला मुख्यालय नहीं, बल्कि एक क्षेत्रीय सत्ता और शिक्षा केंद्र के रूप में उभरेगा। जगनपुर का न्यायिक गलियारा, सिंगवासा चक का शिक्षा हब और नेगमा क्षेत्र की नई परियोजनाएं मिलकर गुना की तस्वीर पूरी तरह बदल देंगी। शहर को चारों तरफ से विस्तार देकर संकरी सड़कों और गलियों से मुक्ति दिलाने का सपना अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है। ज़मीनी काम शुरू हो चुका है और आने वाले वर्षों में इसका असर हर नागरिक को महसूस होगा।

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