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झाबुआ से देश को पोलियो मुक्त रखने का संकल्प: मंत्री भूरिया ने किया राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ

29 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
झाबुआ से देश को पोलियो मुक्त रखने का संकल्प: मंत्री भूरिया ने किया राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के राष्ट्रीय संकल्प के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने रविवार को झाबुआ जिले में तीन दिवसीय 'राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान' का शुभारंभ किया। जिला चिकित्सालय झाबुआ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मंत्री  भूरिया ने फीता काटकर इस राष्ट्रव्यापी अभियान के जिला स्तरीय चरण की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं बच्चों को पोलियो रोधक दवा की दो बूंद पिलाकर आम जनता को जागरूकता का संदेश दिया। 


महिला एवं बाल विकास मंत्री  भूरिया ने पोलियो उन्मूलन की दिशा में भारत की ऐतिहासिक सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पोलियो उन्मूलन की दिशा में हमारे देश ने दुनिया के सामने एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम की है, लेकिन इस बड़ी सफलता और सुरक्षा चक्र को बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि हर पीढ़ी के प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो रोधक दवा की खुराक मिले। मंत्री  भूरिया ने बल देकर कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और उनका सुरक्षित भविष्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी नागरिकों और अभिभावकों से भावुक अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा अवश्य पिलवाएं और इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।


मंत्री  भूरिया द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के तहत झाबुआ जिले में 0 से 5 वर्ष तक के कुल 2,13,504 बच्चों को दवा पिलाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) श्री एम.एल. चोपड़ा ने बताया कि जमीनी स्तर पर एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसके तहत जिले में कुल 1,185 टीमें मुस्तैद की गई हैं। इन टीमों में निर्धारित केंद्रों पर दवा पिलाने के लिए 424 बूथ टीमें, छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए 610 घर-घर भ्रमण करने वाली टीमें, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं मुख्य चौराहों पर सक्रिय रहने वाली 44 ट्रांजिट टीमें तथा सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों के लिए 07 मोबाइल टीमें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पूरे अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए विशेष सुपरवाइजरी टीमों का भी गठन किया गया है।

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