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PM Awas 2.0: मध्यप्रदेश में 74 हजार घर मंजूर, अब फर्जीवाड़े पर लगेगी सख्त रोक

15 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
PM Awas 2.0: मध्यप्रदेश में 74 हजार घर मंजूर, अब फर्जीवाड़े पर लगेगी सख्त रोक
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में सस्ते घर का सपना देख रहे हजारों परिवारों के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने PM Awas 2.0 के तहत तेजी से आवास मंजूर करना शुरू कर दिया है। अब तक 74 हजार से ज्यादा घरों को मंजूरी मिल चुकी है और इसके साथ ही फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नए सख्त नियम भी लागू किए गए हैं। सरकार का दावा है कि अब बिना नया मकान बनाए कोई भी योजना की राशि नहीं ले पाएगा। इसके लिए पहली बार 5 स्तर पर जियो टैगिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे हर निर्माण की निगरानी होगी।


PM Awas 2.0 में किसे मिला फायदा?

राज्य सरकार ने बेनेफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) घटक के तहत सबसे ज्यादा आवास मंजूर किए हैं। इस योजना में ऐसे लोगों को मदद मिलती है जिनके पास खुद की जमीन है लेकिन मकान बनाने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 74 हजार BLC आवास मंजूर हो चुके हैं। वहीं अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP) के तहत भी 8 हजार से ज्यादा घरों को स्वीकृति मिली है। अब इन प्रोजेक्ट्स के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।


इंदौर, उज्जैन और रीवा को मिली बड़ी मंजूरी

हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सरकार ने 18,800 नए BLC आवास मंजूर किए। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS श्रेणी में 5,550 घरों को मंजूरी दी गई। सरकार ने इंदौर, उज्जैन और रीवा में भी नए आवास प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी है। इससे पहले भोपाल समेत कई जिलों में भी PM Awas 2.0 के प्रोजेक्ट मंजूर किए जा चुके हैं। आने वाले महीनों में और शहरों को फायदा मिल सकता है।


अब फर्जीवाड़ा करना होगा मुश्किल

सरकार ने साफ कर दिया है कि योजना की राशि लेकर मकान विस्तार या मरम्मत का काम करने वालों पर नजर रखी जाएगी। अब केवल नया मकान बनने की पुष्टि होने पर ही पैसा जारी होगा। इसके लिए निर्माण की 5 बार जियो टैगिंग अनिवार्य की गई है। हर चरण की फोटो और लोकेशन रिकॉर्ड होने के बाद ही अगली किस्त जारी होगी। इससे फर्जी दावे रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।


हर 3 महीने में होगी निगरानी

अधिकारियों के मुताबिक जियो टैगिंग अलग-अलग निर्माण चरणों पर की जाएगी।

- पहली टैगिंग खाली प्लॉट की

- दूसरी फाउंडेशन या प्लिंथ लेवल पर

- तीसरी लिंटेल लेवल पर

- चौथी रूफ लेवल पर

- पांचवीं मकान पूरा होने पर


यानी सरकार पूरे 12 महीने तक हर निर्माण की निगरानी करेगी। यही वजह है कि अब योजना में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।


ऐसे मिलेगी 2.5 लाख रुपये की मदद

BLC योजना के तहत पात्र हितग्राही को कुल 2.5 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। इसमें:

- 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार देगी

- 1 लाख रुपये राज्य सरकार देगी


यह राशि तीन किस्तों में जारी होगी

पहली किस्त: 1 लाख रुपये काम शुरू होने पर

दूसरी किस्त: 1 लाख रुपये लिंटेल लेवल तक निर्माण पर

तीसरी किस्त: 50 हजार रुपये मकान पूरा होने पर


तय समय में काम पूरा नहीं हुआ तो कार्रवाई

सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जाए। यदि हितग्राही तय समय में निर्माण पूरा नहीं करता है तो उसे नोटिस दिया जाएगा।


सरकारी नियमों के मुताबिक:

3 महीने में प्रगति नहीं होने पर चेतावनी

15 महीने बाद अंतिम नोटिस

18 महीने में भी काम पूरा नहीं होने पर आवास सरेंडर की कार्रवाई संभव


PM Awas 2.0 के चार बड़े घटक

सरकार ने PM Awas 2.0 को चार हिस्सों में लागू किया है:


1. BLC योजना

अपनी जमीन पर घर बनाने वालों को सीधी आर्थिक मदद।


2. Affordable Housing in Partnership

सरकारी और निजी कंपनियों की साझेदारी में सस्ते घर।


3. Affordable Rental Housing

जरूरतमंद परिवारों को कम किराये पर मकान उपलब्ध कराना।


4. Interest Subsidy Scheme

25 लाख रुपये तक के होम लोन पर 4% ब्याज सब्सिडी। हालांकि मकान की कीमत 35 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

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