मंगलवार, 09 जून 2026
Logo
Madhaya Pradesh

PM Modi 12 Years: मोहन यादव बोले- सेवा, सुशासन और विकास का स्वर्णिम काल है मोदी सरकार

09 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
PM Modi 12 Years: मोहन यादव बोले- सेवा, सुशासन और विकास का स्वर्णिम काल है मोदी सरकार
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने इन वर्षों को 'सेवा, सुशासन और विकास का स्वर्णिम काल' बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा खुद को 'प्रधान सेवक' मानकर देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।


विकसित भारत के संकल्प को लेकर कही बड़ी बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, 140 करोड़ देशवासियों की सेवा को ईश्वर की सेवा मानते हुए प्रधानमंत्री ने सुशासन और विकास के कई नए मानक स्थापित किए हैं।


'सबका साथ' के मंत्र से हर वर्ग का जीता भरोसा

मोहन यादव ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र ने समाज के हर वर्ग का विश्वास मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कई अहम फैसले किए गए हैं।


तीन तलाक से लेकर कोविड राहत तक का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी कुप्रथा से मुक्ति दिलाकर उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा की। वहीं कोविड-19 महामारी के दौरान पात्र नागरिकों को मुफ्त राशन और निःशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराकर करोड़ों लोगों को राहत पहुंचाई। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में बने टीकों को दुनिया के कई देशों तक पहुंचाकर 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना को वैश्विक पहचान मिली।


अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा विकास का लाभ

मुख्यमंत्री के मुताबिक केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों में सम्मान, अधिकार और आत्मनिर्भरता का विश्वास मजबूत किया है।


वैश्विक मंच पर मजबूत हुआ भारत

मोहन यादव ने कहा कि आज भारत दुनिया में एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उनके अनुसार, यह बदलाव इसलिए संभव हुआ क्योंकि सरकार की नीतियों और फैसलों के केंद्र में हमेशा जनहित और मानवीय संवेदनाएं रही हैं।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें