
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2025 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान अपना तय कार्यक्रम 15 मिनट आगे कर दिया था। वजह कोई वीआईपी नहीं, बल्कि परीक्षा देने वाले स्कूली बच्चे थे।
समिट स्थल के आसपास दो परीक्षा केंद्र थे और पीएम के काफिले के लिए कई रास्तों पर यातायात रोकना था। विद्यार्थियों को परेशानी से बचाने के लिए प्रधानमंत्री ने सुबह 9:45 बजे की जगह 10 बजे राजभवन से रवाना होने का फैसला लिया।
परीक्षा केंद्रों की वजह से बदला गया शेड्यूल
भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित मानव संग्रहालय में देश-विदेश से आए उद्योगपतियों की मौजूदगी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित हो रही थी।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक यातायात व्यवस्था बदली जानी थी। इसी मार्ग पर परीक्षा से जुड़े विद्यार्थियों की आवाजाही भी थी।
परीक्षा देने जाने और परीक्षा समाप्त होने के बाद लौटने वाले छात्रों को ट्रैफिक प्रतिबंधों के कारण दिक्कत न हो, इसलिए पीएम मोदी ने अपने कार्यक्रम का समय आगे बढ़ाया।
दो परीक्षा केंद्र बदले गए
श्यामला हिल्स क्षेत्र में मौजूद रीजनल स्कूल और बालभवन स्कूल के परीक्षा केंद्र भी बदल दिए गए थे।
नए कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री सुबह 10 बजे राजभवन से निकले और करीब 10:15 बजे समिट स्थल पहुंचे।
ट्रैफिक पुलिस ने भी की विशेष व्यवस्था
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की थी। इसमें विद्यार्थियों की आवाजाही को लेकर विशेष व्यवस्था का उल्लेख किया गया था।
पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया था कि आने-जाने वाले बच्चों को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। विद्यार्थियों की सहायता के लिए ट्रैफिक पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया था।
सोशल मीडिया पर फैसले की हुई तारीफ
प्रधानमंत्री के इस निर्णय को लेकर सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। लोगों ने इसे विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील रवैया बताते हुए सराहा।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी विद्यार्थियों और उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर हमेशा संवेदनशील रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम का भी जिक्र किया और इसे विद्यार्थियों के लिए लोकप्रिय एवं प्रेरणादायी बताया।
पहली बार भोपाल में हुई थी बड़ी समिट
24 फरवरी 2025 की यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल के लिए खास थी, क्योंकि शहर में पहली बार इसका आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में देश और विदेश से प्रतिनिधियों की भागीदारी हुई। इसमें:
60 उद्योगपति, निवेशक और विशेषज्ञ शामिल हुए।
13 देशों के राजदूत पहुंचे।
6 देशों के उच्चायुक्त शामिल हुए।
कई वाणिज्य दूतावास प्रमुखों ने हिस्सा लिया।
25 हजार से अधिक पंजीकरण हुए।
50 देशों के 100 प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर के अवसर पर सामने आया यह प्रसंग इसलिए भी चर्चा में रहा कि बेहद महत्वपूर्ण निवेशक सम्मेलन के बीच भी उनके कार्यक्रम में बदलाव की वजह विद्यार्थियों की परीक्षा और उनकी सुविधा बनी।
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