मंगलवार, 28 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

JNU में ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी’ नारे पर सियासत गरम, मंत्री विश्वास सारंग बोले – ये देशद्रोह है

06 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
JNU में ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी’ नारे पर सियासत गरम, मंत्री विश्वास सारंग बोले – ये देशद्रोह है

JNU में ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी’ नारे पर सियासत गरम, मंत्री विश्वास सारंग बोले – ये देशद्रोह है

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी जेएनयू का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ तौर पर “मोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर” जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, राजनीतिक हलकों में भूचाल आ गया और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।


वायरल वीडियो से मचा बवाल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह जेएनयू परिसर का है। वीडियो में कुछ छात्र समूह बनाकर नारेबाजी करते दिख रहे हैं। नारे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ हैं, जिन्हें कई लोग बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ मान रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने इसे देशविरोधी हरकत करार दिया है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।


मंत्री विश्वास सारंग का तीखा बयान

इस पूरे मामले पर मध्यप्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जेएनयू में लगाए गए नारे न केवल निंदनीय हैं बल्कि यह सीधे तौर पर देशद्रोह की श्रेणी में आते हैं। मंत्री सारंग ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को गाली देना, देश की जनता को गाली देने के बराबर है। यह सिर्फ दो व्यक्तियों का अपमान नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है।”


राहुल गांधी के विदेशी दौरों से आती है ऐसी सोच – सारंग

मंत्री विश्वास सारंग ने इस विवाद को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस तरह की सोच की जड़ें राहुल गांधी के विदेशी दौरों से जुड़ी हुई हैं।

उनका कहना था, “देश को तोड़ने वाली ताकतें लगातार इस देश में अनर्गल बातें करती आई हैं। इसकी शुरुआत और ऐसी मानसिकता राहुल गांधी के विदेशी दौरों से आती है। जब वह विदेश जाकर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, तो ऐसी मानसिकता को संरक्षण मिलता है।”


‘आतंकवाद को संरक्षण देता रहा है विपक्ष’ – मंत्री

सारंग यहीं नहीं रुके। उन्होंने विपक्ष पर और तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दलों के नेता आतंकवाद को संरक्षण देने का काम करते आए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में इस तरह की देशद्रोही और संविधान विरोधी बातें होना बेहद आपत्तिजनक है। “भारत में रहने वाला कोई भी देशभक्त नागरिक ऐसी बातों को स्वीकार नहीं करता। यह मानसिकता जेएनयू के विद्यार्थियों की नहीं है, बल्कि उन लोगों की है, जो देश को तोड़ने की सोच रखते हैं।”


राजनीति और शिक्षा के बीच फिर टकराव

जेएनयू पहले भी कई बार विवादों के केंद्र में रहा है। इस बार फिर नारेबाजी के वीडियो ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों की सीमा क्या होनी चाहिए। भाजपा नेताओं की ओर से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है, वहीं विपक्षी दल इस पूरे मुद्दे को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखने की बात कर रहे हैं।


आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस वीडियो की पुष्टि और जांच की प्रक्रिया पर नजर है। अगर वीडियो की सत्यता प्रमाणित होती है तो छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस मामले ने एक बार फिर देश में यह बहस छेड़ दी है कि अभिव्यक्ति की आजादी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के बीच की रेखा आखिर कहां खींची जानी चाहिए।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें