
भोपाल। उज्जैन में आने वाले सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को हरियाखेड़ी में विशाल जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन किया। वेद मंत्रों के बीच शुरू हुई इस योजना की लागत 1133.67 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शहर के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों की घोषणा की और स्वच्छता अभियान को मजबूत करने के लिए नई कचरा कलेक्शन गाड़ियों को भी रवाना किया।
आयुर्वेदिक AIIMS उज्जैन में बनेगा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उज्जैन में आयुर्वेद आधारित AIIMS स्थापित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भगवान धन्वंतरि से जुड़ी आस्था के कारण उज्जैन इस संस्थान के लिए उपयुक्त स्थान है। इसके साथ ही हरियाखेड़ी योजना के पूरा होने के बाद शहर में पानी की कमी दूर होने का दावा किया गया। उन्होंने रोजगार को लेकर भी घोषणा की कि नागझिरी और निनोरा रेडीमेड गारमेंट प्रोजेक्ट में महिलाओं को रोजगार मिलेगा, जहां सरकार की ओर से 5 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। कालिदास अकादमी में नया शेड और मार्च में साइंस कॉलेज स्थित गीता भवन के लोकार्पण की भी जानकारी दी गई।
17 नए ओवरहेड टैंक और 708 किमी पाइपलाइन
जल आवर्धन परियोजना के तहत 600 से 3000 किलोलीटर क्षमता के 17 ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे। लगभग 708 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 534 किलोमीटर का नया वितरण नेटवर्क शामिल है। पुरानी एसीपी पाइपलाइन को बदलने के साथ करीब 49 हजार से ज्यादा घरों को नए पानी के कनेक्शन मिलेंगे।
साफ पानी के लिए 136 किलोमीटर लंबी क्लियर वॉटर पाइपलाइन और करीब 39.75 किलोमीटर रॉ वॉटर पाइपलाइन का निर्माण भी योजना का हिस्सा है।
सिंहस्थ 2028 की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना
सरकार का अनुमान है कि सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन शहर की प्रभावी आबादी करीब 9.65 लाख और मेला क्षेत्र में अस्थायी जनसंख्या 21.83 लाख तक पहुंच सकती है। प्रमुख स्नान दिनों में एक दिन में लगभग 2.28 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है। इसी वजह से शहर के आसपास के करीब 20 गांवों को भी इस योजना में जोड़ा गया है ताकि भविष्य की जल जरूरतें पूरी की जा सकें। दावा है कि यह परियोजना वर्ष 2055 तक की जल आपूर्ति को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
स्वच्छता और अन्य विकास कार्यों को भी मिली गति
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 16 नई गाड़ियां और पांच अन्य वाहनों को हरी झंडी दिखाई। उज्जैन-इंदौर रोड के भूमि पूजन की भी जल्द शुरुआत होने की बात कही गई। साथ ही देवास रोड स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और सिराखेड़ी तालाब की क्षमता बढ़ाकर 51 एमसीएम करने की योजना है, जिससे शहर को प्रतिदिन करीब 100 एमएलडी शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
श्री महाकाल वन मेला 2026 का शुभारंभ
शाम चार बजे दशहरा मैदान में वन विभाग और मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा आयोजित श्री महाकाल वन मेला 2026 का उद्घाटन किया गया। यह मेला 11 से 16 फरवरी तक चलेगा, जिसमें वन उत्पाद और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित होंगी।
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