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वन विभाग के 4,500 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति, सीएम मोहन यादव ने कहा- खाली पदों पर होगी भर्ती

24 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
वन विभाग के 4,500 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति, सीएम मोहन यादव ने कहा- खाली पदों पर होगी भर्ती
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंध संस्थान में वन विभाग के शासकीय सेवकों की पदोन्नति के अवसर पर आयोजित ‘आभार प्रदर्शन समारोह’ में पदोन्नत कर्मचारियों के कंधों पर स्टार लगाकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने नई जिम्मेदारियों के लिए सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार शासकीय सेवकों के हितों के लिए पूरी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 4,500 से अधिक शासकीय सेवकों को पदोन्नति दी गई है। पदोन्नति के बाद कर्मचारियों के चेहरों पर दिखाई दे रही प्रसन्नता बताती है कि यह निर्णय उनके लिए कितना महत्वपूर्ण था। उन्होंने बताया कि वन विभाग में 25,379 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 18,115 शासकीय सेवक कार्यरत हैं।


पदोन्नति के बाद खाली पदों पर होगी भर्ती

डॉ. यादव ने कहा कि पदोन्नति के बाद सभी विभागों में रिक्त हुए नए पदों पर भर्ती के आदेश भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासकीय व्यवस्था को सुचारू बनाने और सुशासन की स्थापना के लिए लगातार नए पदों की व्यवस्था की जा रही है। वन प्रबंधन को तकनीक से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।


जल, जंगल और वन्यजीव संरक्षण में वनकर्मियों की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से मध्यप्रदेश में जल, जंगल, जीव और प्रकृति का संरक्षण हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान टाइगर स्टेट, चीता स्टेट, घड़ियाल स्टेट और गिद्ध स्टेट के रूप में बनी है। वन संरक्षण के साथ आधुनिक तकनीक के उपयोग से वन प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा रहा है।


दतिया के विकास और किसानों की आय पर भी बोले सीएम

मुख्यमंत्री ने दतिया जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि पीतांबरा माई का प्रसाद और गुड़ दोनों प्रसिद्ध हैं। जिले में धान, मूंगफली और चने के उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।


डॉ. यादव ने बताया कि सेवड़ा में स्वावलंबी कामधेनु गोशाला का निर्माण किया जा रहा है। इसमें करीब 5 हजार निराश्रित गो-माताओं की सेवा की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

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