
ट्रेन में बिना टिकट सफर करना भले ही आसान रास्ता लगता हो, लेकिन यही लापरवाही अब यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रही है। पश्चिम मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के सिर्फ नौ महीनों में बेटिकट यात्रियों से 101 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूल लिया है। यह रकम पिछले साल के मुकाबले करीब 16 प्रतिशत अधिक है, जो बताती है कि सख्ती के बावजूद लोग नियम तोड़ने से बाज नहीं आ रहे।
तीनों मंडलों में चला सघन टिकट जांच अभियान
पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडलों में अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच बड़े पैमाने पर टिकट जांच अभियान चलाए गए। इस दौरान ट्रेनों और स्टेशनों पर कुल 14 लाख 65 हजार मामले पकड़े गए। इनसे अतिरिक्त किराया और जुर्माना मिलाकर रेलवे को 101 करोड़ 16 लाख रुपये का राजस्व मिला। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 87 करोड़ 36 लाख रुपये था, यानी इस बार 15.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
जबलपुर मंडल सबसे आगे
जबलपुर मंडल में टिकट निरीक्षकों ने सबसे ज्यादा सख्ती दिखाई। यहां बिना टिकट, अनबुक्ड लगेज और अनियमित टिकट के 6 लाख 63 हजार मामले सामने आए, जिनसे 48 करोड़ 94 लाख रुपये वसूले गए। यह पिछले वर्ष की तुलना में 29.46 प्रतिशत ज्यादा है। भोपाल मंडल में 4 लाख 75 हजार मामलों से 30 करोड़ 48 लाख रुपये का जुर्माना मिला, जो 4.45 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं कोटा मंडल में 3 लाख मामलों से 20 करोड़ 2 लाख रुपये की वसूली हुई, जिसमें 7.11 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
सख्ती के बाद भी बढ़ रहे बेटिकट यात्री
रेलवे की लगातार कार्रवाई के बावजूद बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या कम नहीं हो रही। आंकड़े साफ बताते हैं कि लोग अब भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि नियमित जांच और जुर्माने की सख्ती से ही इस प्रवृत्ति पर लगाम लगाई जा सकती है।
रेलवे की यात्रियों से अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे उचित टिकट लेकर ही सफर करें। बिना टिकट यात्रा न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि इससे यात्रा के दौरान असुविधा और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
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