
भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और लगातार दूसरे दिन भी बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। प्रदेश के 45 से ज्यादा जिलों में बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं कई इलाकों में ओले गिरने से फसलों को नुकसान की खबरें भी सामने आ रही हैं। आसमान में घने बादल, ठंडी हवाएं और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने पूरे प्रदेश को भिगो दिया है।मौसम के इस बदले मिजाज का असर तापमान पर भी साफ देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। अगर प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें, तो राजधानी भोपाल का अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री, इंदौर का 30.2 डिग्री, उज्जैन का 30.5 डिग्री, जबलपुर का 29.7 डिग्री और ग्वालियर का सबसे कम 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आज भी 14 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के सक्रिय होने की वजह से हो रहा है। यही सिस्टम प्रदेश में लगातार नमी ला रहा है, जिससे बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि शनिवार को यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है, जिससे मौसम का असर और बढ़ सकता है।आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। खासतौर पर पूर्वी मध्यप्रदेश के 14 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर किसानों को, क्योंकि मौसम में यह बदलाव उनकी फसलों को प्रभावित कर सकता है।आगे की बात करें तो 26 मार्च के आसपास एक और मजबूत मौसम प्रणाली बनने के संकेत मिल रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।फिलहाल, मौसम का यह बदला रूप लोगों को गर्मी से राहत जरूर दे रहा है, लेकिन इसके साथ ही सतर्क रहने की जरूरत भी है।
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