
भोपाल। प्रदेश में पिछले 2 दिनों से मौसम पूरी तरह से बदला हुआ नजर आया।साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से मध्यप्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर रहा।बारिश और ओलावृष्टि से मप्र में सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का हुआ है। खेत मे खड़ी फसल चौपट हो जाने से उन पर भारी संकट खड़ा हो गया है।फिलहाल 2 दिनों तक बारिश और ओलावृष्टि का कोई अलर्ट नहीं है लेकिन 31 जनवरी से एक और स्ट्रॉन्ग साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव होने जा रहा है जिसके प्रभाव से बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो मध्यप्रदेश में फरवरी की शुरुआत भी बारिश और ओलावृष्टि के साथ होगी। बीते 24 घंटों में मौसम में बदलाव के चलते न्यूनतम तापमान में जहां बढ़ोतरी हुई है वहीं अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिली।
पूरे प्रदेश में मात्र 4 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम
राजधानी भोपाल में दिन का तापमान 23.3 डिग्री दर्ज किया गया जबकि रात का तापमान 14.2 डिग्री रहा। इंदौर में भी दिन का तापमान 24 डिग्री से कम रहा और रात का तापमान 12.2 डिग्री रहा।वहीं ग्वालियर में दिन का तापमान 16.2 डिग्री से कम पहुंच जाने से कोल्ड डे की स्थिति रही हालांकि रात का तापमान 15 डिग्री रहा।अगर रात के तापमान पर गौर करें तो पूरे प्रदेश में मात्र 4 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम रहा। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि 31 जनवरी को मौसम में बदलाव के बाद न्यूनतम तापमान में एक बार फिर गिरावट देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग की मानें तो कुछ दिनों तक प्रदेश पर कोहरे के पहरा छाया रहेगा।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

