
इंदौर। देशभर में सुर्खियों में रहे राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग की अदालत से जमानत मिल गई है, जिससे मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। लंबे समय से जेल में बंद सोनम को मिली यह राहत अब पूरे केस की दिशा पर असर डाल सकती है—और यही वजह है कि चर्चा फिर तेज हो गई है।
जमानत से बदला केस का माहौल
शिलांग की अदालत से जमानत मिलने के बाद सोनम रघुवंशी को अस्थायी राहत मिली है। इस मामले में पहले ही 3 अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी थी, और अब मुख्य आरोपी को राहत मिलने से कानूनी लड़ाई और दिलचस्प हो गई है। हालांकि, विशेषज्ञ साफ कहते हैं—जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है।
शादी, हनीमून और फिर रहस्यमयी गायब होना
राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को हुई थी। इसके बाद 21 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग पहुंचे थे। लेकिन 23 मई को अचानक दोनों के लापता होने की खबर आई, जिसने परिवार और पुलिस दोनों को अलर्ट कर दिया।
30 फीट गहरी खाई में मिला शव
लगातार तलाश के बाद 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव शिलांग की एक घाटी से बरामद हुआ। करीब 30 फीट गहरी खाई में मिले शव पर धारदार हथियार के निशान थे, जिससे साफ हो गया कि यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। यहीं से केस ने सनसनीखेज मोड़ लिया और जांच तेज कर दी गई।
सोनम की गिरफ्तारी कैसे हुई?
घटना के बाद सोनम का कोई पता नहीं चल रहा था, जिससे शक और गहरा गया। बाद में उसे 9 जून 2025 को गाजीपुर से हिरासत में लिया गया और फिर गिरफ्तार कर शिलांग ले जाया गया। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर उसे मुख्य आरोपी माना गया।
प्रेम संबंध और साजिश का एंगल
जांच एजेंसियों के अनुसार, सोनम का एक युवक राज कुशवाहा से कथित संबंध सामने आया। पुलिस का दावा है कि इसी रिश्ते के चलते हत्या की साजिश रची गई। हालांकि, परिवार ने इस दावे को खारिज किया है—जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।
8 आरोपी, कई गिरफ्तारियां
इस केस में कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें आकाश, आनंद और विशाल जैसे नाम शामिल हैं। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसने इस केस को देशभर में चर्चा का विषय बना दिया। अब जमानत के बाद अगला फोकस कोर्ट की सुनवाई पर है।
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