
दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता और दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की, जिससे तीन साल की सजा पर फिलहाल कोई राहत नहीं मिली।
हाईकोर्ट ने 9 जुलाई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 10 जुलाई को सुनाए गए आदेश में दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया।
27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में हुई थी सजा
यह मामला 27 वर्ष पुराने ग्रामीण विकास बैंक एफडी हेराफेरी प्रकरण से जुड़ा है। इस मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजेंद्र भारती को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष की सजा सुनाई थी। इसी फैसले के आधार पर 2 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने दतिया से विधायक रहे राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी किया था।
सजा पर रोक की मांग लेकर पहुंचे थे हाईकोर्ट
दोषसिद्धि के बाद राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सजा पर रोक लगाने का अनुरोध किया था।
9 जुलाई 2026 को याचिका पर सुनवाई हुई।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया।
10 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
दतिया उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम
राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। चुनाव आयोग पहले ही चुनाव कार्यक्रम घोषित कर चुका है।
13 जुलाई 2026 तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे।
14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी।
16 जुलाई नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है।
30 जुलाई 2026 को मतदान कराया जाएगा।
3 अगस्त 2026 को मतगणना होगी।
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