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राज्यसभा चुनाव 2026: तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल आज भरेंगे नामांकन, भोपाल में भाजपा की अहम बैठक

06 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
राज्यसभा चुनाव 2026: तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल आज भरेंगे नामांकन, भोपाल में भाजपा की अहम बैठक
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में आज बड़ा दिन है। बीजेपी के राज्यसभा प्रत्याशी तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल भोपाल में विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन से पहले भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन और रणनीति दोनों पर फोकस किया है। इसी वजह से सुबह से ही पार्टी संगठन और विधायकों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।


नामांकन से पहले BJP विधायकों की बैठक

राज्यसभा उम्मीदवारों के नामांकन से पहले प्रदेश भाजपा कार्यालय में विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। पार्टी की ओर से सभी बीजेपी विधायकों को शनिवार सुबह 8 बजे तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि यहां राज्यसभा चुनाव को लेकर अंतिम रणनीति और मतदान संबंधी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।


राज्यसभा चुनाव में NDA का मजबूत गणित

इस बार देशभर में राज्यसभा की 26 सीटों पर चुनाव होना है। मौजूदा स्थिति में इनमें से 18 सीटें NDA के प्रभाव वाले राज्यों से जुड़ी मानी जा रही हैं। आंध्र प्रदेश से 1, गुजरात से 4, कर्नाटक से 3, राजस्थान और मध्य प्रदेश से 2-2, जबकि झारखंड, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से 1-1 सीट NDA के खाते में मानी जा रही हैं। यही वजह है कि चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजर बनी हुई है।


किसे कितनी सीटें मिलने का अनुमान?

राजनीतिक आकलनों के अनुसार NDA को इस चुनाव में करीब 17 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं कांग्रेस गठबंधन के खाते में 5 सीटें जा सकती हैं। इसके अलावा JMM को 2, TVK को 1 और मिजोरम में जोरम पीपुल्स मूवमेंट को 1 सीट मिलने की उम्मीद बताई जा रही है। दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश की YSRCP अपनी तीनों सीटें गंवा सकती है, जिससे उच्च सदन का संतुलन और बदल सकता है।


उच्च सदन में क्या है मौजूदा स्थिति?

राज्यसभा में कुल प्रभावी सदस्य संख्या फिलहाल 244 है। इनमें NDA के पास 149 सांसद, विपक्षी दलों के पास 78 सांसद, जबकि गैर-गठबंधन क्षेत्रीय दलों के पास 17 सांसद हैं। अगर अनुमानित नतीजे NDA के पक्ष में आते हैं, तो उच्च सदन में उसकी स्थिति और मजबूत हो सकती है। यही कारण है कि इन चुनावों को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


राज्यसभा चुनाव कैसे होता है?

लोकसभा चुनाव की तरह राज्यसभा के लिए जनता सीधे मतदान नहीं करती। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया के जरिए चुने जाते हैं, जिसमें संबंधित राज्यों के विधायक वोट डालते हैं। राज्यसभा एक स्थायी सदन है, इसलिए इसे भंग नहीं किया जाता। इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं और खाली हुई सीटों पर चुनाव कराया जाता है। यही व्यवस्था सदन की निरंतरता बनाए रखती है।


राज्यसभा में कुल कितनी सीटें हैं?

राज्यसभा की कुल क्षमता 245 सीटों की है। इनमें 233 सदस्य चुनाव के जरिए चुने जाते हैं, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं। यही कारण है कि राज्यसभा का चुनाव केवल राजनीतिक ताकत का नहीं, बल्कि राज्यों में दलों के वास्तविक विधायी समर्थन का भी बड़ा पैमाना माना जाता है।


जीत के लिए कितने वोट जरूरी होते हैं?

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए आवश्यक वोटों की संख्या पहले से तय फार्मूले के आधार पर निकाली जाती है। इसमें राज्य की कुल विधानसभा सीटें और राज्यसभा की रिक्त सीटों की संख्या को आधार बनाया जाता है। विधायकों के मतों के आधार पर उम्मीदवारों की जीत तय होती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य विभिन्न दलों को उनकी विधानसभा में मौजूद ताकत के अनुपात में प्रतिनिधित्व देना होता है। ऐसे में हर विधायक का वोट चुनाव परिणाम में निर्णायक भूमिका निभाता है।

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