
भोपाल। राजधानी भोपाल के रातीबड़ में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या की जांच में पुलिस पुराने एक करोड़ रुपये से अधिक के धोखाधड़ी विवाद तक पहुंच गई है। इस मामले में अग्रवाल ने करीब 11 महीने पहले अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ शिकायत की थी।
अक्टूबर 2025 में शिकायत की जांच के बाद अजीत पाटनी पर एफआईआर दर्ज हुई और उसे गिरफ्तार किया गया था। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इस मुकदमे में चल रही गवाही और कोर्ट की कार्रवाई का हत्या से कोई सीधा संबंध था या नहीं।
कंपनी में निवेश के नाम पर रकम लेने का आरोप
पुलिस के अनुसार, राकेश अग्रवाल और अजीत पाटनी एक-दूसरे को पहले से जानते थे। आरोप है कि अजीत ने कंपनी में निवेश कराने और अच्छा रिटर्न दिलाने का भरोसा देकर अग्रवाल से अलग-अलग किस्तों में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ली थी।
रकम वापस नहीं मिलने के बाद अग्रवाल ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। जांच पूरी होने पर अक्टूबर 2025 में अजीत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई।
गवाही और कोर्ट की कार्रवाई पर भी नजर
धोखाधड़ी मामले में राकेश अग्रवाल की गवाही की प्रक्रिया चल रही थी। इसी महीने इस केस की सुनवाई होने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस अब यह पता करने में जुटी है कि गवाही या न्यायिक कार्रवाई को लेकर अग्रवाल पर किसी तरह का दबाव, विवाद या धमकी बनाई गई थी या नहीं।
जांच एजेंसियां अभी इस पुराने विवाद को हत्या का कारण नहीं मान रही हैं। उनका फोकस यह निर्धारित करने पर है कि अजीत पाटनी से जुड़े मुकदमे और हत्या के बीच कोई प्रत्यक्ष कड़ी है या दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं।
केयरटेकर अरुण पर पुलिस का शुरुआती शक
हत्या की जांच में घर के केयरटेकर अरुण पर पुलिस का शुरुआती शक है। वारदात के बाद से वह फरार बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक हत्या रात 12 बजे से 2 बजे के बीच हुई। इसके बाद करीब 2:15 बजे अरुण सूरज नगर से भदभदा की तरफ जाने वाली सड़क पर लगे CCTV कैमरे में दिखाई दिया।
फुटेज में उसके पास पिट्ठू बैग नजर आने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है।
पांच पुलिस टीमें तलाश में जुटीं
अरुण को खोजने के लिए जोन-1 की पांच पुलिस टीमें और क्राइम ब्रांच की टीम काम कर रही है। जांच में CCTV फुटेज के साथ मोबाइल लोकेशन और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस को उसकी आखिरी लोकेशन कुरवाई-बीना रोड पर मिलने की जानकारी सामने आई है।
पुराने केस से जुड़े लोगों की भी पड़ताल
जांच अधिकारी राकेश अग्रवाल से जुड़े पुराने मामलों और उनके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। कोर्ट में चल रही कार्रवाई तथा हत्या से पहले अग्रवाल की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि धोखाधड़ी मामले में आरोपी अजीत पाटनी या उससे जुड़े किसी व्यक्ति का हत्या की घटना से कोई प्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।
लूट समेत दो प्रमुख एंगल पर जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, केयरटेकर अरुण की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद हत्या के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।
फिलहाल जांच लूट और पुराने लेनदेन विवाद, दोनों संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है।
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