
भोपाल। मध्यप्रदेश में रामनवमी इस बार सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था का विराट उत्सव बनने जा रहा है। भोपाल से लेकर उज्जैन, इंदौर और जबलपुर तक भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं—और इसका असर लाखों श्रद्धालुओं पर दिखेगा…
भोपाल में हर गली में भक्ति, 2500 से ज्यादा भंडारे
राजधानी भोपाल में इस बार रामनवमी बड़े स्तर पर मनाई जाएगी। शहरभर में करीब 2500 से 3000 स्थानों पर भंडारे आयोजित होंगे, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। न्यू मार्केट, खेड़ापति मंदिर और पुराने शहर के प्रमुख राम मंदिरों में दोपहर 12 बजे भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसी समय आरती और विशेष पूजा का आयोजन होगा…
शोभायात्राएं और झांकियां बनेंगी आकर्षण
रामनवमी पर भोपाल में भव्य जुलूस भी निकाले जाएंगे। भवानी चौक सोमवारा से घोड़ा निकास के साथ शोभायात्रा की शुरुआत होगी, जिसमें आकर्षक झांकियां, भजन-कीर्तन और पारंपरिक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। शहर के अलग-अलग इलाकों में भी ऐसे जुलूस निकलेंगे, जिससे पूरा शहर एक साथ उत्सव में डूबा नजर आएगा…
इंदौर में ‘साकेतधाम’, उज्जैन में महाआरती
इंदौर के प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर में इस बार ‘साकेतधाम’ की विशेष सजावट की गई है। यहां अखंड रामायण, पंचामृत अभिषेक और जन्मोत्सव आरती जैसे कार्यक्रम पूरे विधि-विधान से होंगे। वहीं उज्जैन में शिप्रा तट स्थित राम मंदिर में यज्ञ और दोपहर 12 बजे महाआरती होगी। साथ ही ऐतिहासिक वीरभद्र ध्वज चल समारोह शहर में श्रद्धा का बड़ा केंद्र बनेगा…
जबलपुर और ग्वालियर में सांस्कृतिक रंग
जबलपुर के गौरीघाट पर शाम 6:30 बजे ‘आविर्भाव समारोह’ में रामकथा और लोकभक्ति की प्रस्तुति होगी। इसमें लोकगायन और नृत्य-नाटिका के जरिए राम के आदर्शों को जीवंत किया जाएगा। ग्वालियर में भी सुबह से मंदिरों में पूजा-अर्चना शुरू होगी और कई जगह विशाल भंडारे आयोजित होंगे। शीतला माता मंदिर समेत प्रमुख स्थानों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है…
महाअष्टमी से ही बना भक्तिमय माहौल
रामनवमी से एक दिन पहले महाअष्टमी पर भी प्रदेशभर में जबरदस्त आस्था देखने को मिली। उज्जैन में नगर पूजा, नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर, मैहर और बागेश्वर धाम में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। कन्या पूजन, हवन और भंडारों के जरिए पूरे प्रदेश में धार्मिक ऊर्जा का माहौल पहले ही बन चुका है, जो अब रामनवमी पर चरम पर पहुंचेगा…
इतने बड़े स्तर पर आयोजनों के बीच प्रशासन के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती होगी। भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर खास नजर रखनी होगी।
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