
भोपाल। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने मंगलवार को सामाजिक न्याय विभाग के सभागार में राज्य स्तरीय कार्यशाला 'क्रिएटिंग अ वेल फंक्शनिंग केयर इकॉनोमी' का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान, उनकी सेवा और परिवार के प्रति जिम्मेदारी सदैव से भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है। वर्तमान समय में इन मूल्यों को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक कमजोर व वंचित वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विभाग सामाजिक सुरक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, वरिष्ठ नागरिक कल्याण तथा पुनर्वास सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि भारत की संस्कृति, परंपराएं और पारिवारिक मूल्य हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। ग्रामीण क्षेत्रों की समरस संस्कृति, सामाजिक सहभागिता तथा महिलाओं की सक्रिय भूमिका भारतीय जीवन मूल्यों को सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के साथ-साथ हमें अपनी पारंपरिक जीवनशैली, संतुलित खान-पान और प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धतियों को भी अपनाना चाहिए।
बुजुर्गों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए अमूल्य धरोहर
मंत्री ने कहा कि परिवार और समाज में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव का सम्मान किया जाना चाहिए। समय की कमी और बदलती जीवन शैली के कारण पारिवारिक संवाद कम हो रहे हैं, जबकि बुजुर्गों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए अमूल्य धरोहर है। समाज में संस्कारों और सकारात्मक विचारों को सुदृढ़ करने के लिए ऐसे संवाद और कार्यशालाएं आवश्यक हैं।
कार्यशाला में इनकी भी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय सोनाली पोंक्षे वायंगणकर, आयुक्त, दिव्यांगजन अजय खेमरिया, आयुक्त, सामाजिक न्याय कृष्ण गोपाल तिवारी, अध्यक्ष, परशुराम कल्याण बोर्ड विष्णु राजोरिया व मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य नीति आयोग ऋषि गर्ग सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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