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रीवा में देश का पहला निजी न्यूक्लियर प्लांट: 28 हजार करोड़ निवेश, 5000 रोजगार और विंध्य बनेगा पावर हब

18 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
रीवा में देश का पहला निजी न्यूक्लियर प्लांट: 28 हजार करोड़ निवेश, 5000 रोजगार और विंध्य बनेगा पावर हब
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रीवा। विंध्य अब सिर्फ बिजली नहीं बनाएगा, बल्कि देश का ऊर्जा केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। रीवा में ₹28,000 करोड़ का न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की मंजूरी मिल गई है—जो देश का पहला निजी प्रोजेक्ट होगा।


निजी क्षेत्र में पहली बार न्यूक्लियर पावर प्लांट

रीवा जिले में टाटा एनर्जी का यह प्रोजेक्ट कई मायनों में ऐतिहासिक है। अब तक देश में न्यूक्लियर पावर प्लांट केवल सरकारी कंपनियां ही संचालित करती थीं, लेकिन नई नीति के बाद निजी कंपनियों की एंट्री हो गई है। इस बदलाव के साथ टाटा, रिलायंस और अदानी जैसे बड़े समूह इस सेक्टर में उतर चुके हैं—और रीवा इसका पहला बड़ा उदाहरण बनने जा रहा है।


कहां बनेगा प्लांट, कितनी जमीन होगी इस्तेमाल

यह मेगा प्रोजेक्ट सिरमौर तहसील के क्योंटी के पास रोझौंहीं क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए करीब 169 हेक्टेयर जमीन आवंटित की जाएगी, जो अभी पथरीली और बंजर बताई जा रही है। पहले यहां सोलर प्लांट की योजना थी, लेकिन वन भूमि की अनुमति न मिलने से वह प्रोजेक्ट रुक गया था—अब उसी क्षेत्र में नई ऊर्जा कहानी लिखी जाएगी।


चरणबद्ध तरीके से बढ़ेगा बिजली उत्पादन

इस न्यूक्लियर प्लांट में बिजली उत्पादन एक ही बार में नहीं, बल्कि चरणों में बढ़ाया जाएगा। शुरुआत में 220 मेगावॉट उत्पादन होगा। इसके बाद इसे बढ़ाकर 1000 मेगावॉट और फिर अंतिम चरण में 2400 मेगावॉट तक ले जाया जाएगा। यानी आने वाले समय में यह प्लांट देश के बड़े ऊर्जा स्रोतों में शामिल हो सकता है।


5000 युवाओं को मिलेगा रोजगार

इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा असर रोजगार पर दिखेगा। अनुमान है कि करीब 5000 युवाओं को सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। स्थानीय स्तर पर इंडस्ट्री, सप्लाई और सर्विस सेक्टर भी तेजी से बढ़ेंगे—जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।


प्रशासन और सरकार की तैयारी तेज

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने इस प्रोजेक्ट को लेकर समीक्षा बैठक भी की है। अधिकारियों को समय पर जमीन उपलब्ध कराने और प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि निजी जमीन टाटा खुद खरीदेगा, जबकि सरकारी स्तर पर हर जरूरी सहयोग दिया जाएगा—यानी प्रोजेक्ट को लेकर कोई ढील नहीं होगी।


अमझर में औद्योगिक पार्क का भी प्लान

इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ-साथ रीवा में औद्योगिक विकास को और बढ़ावा देने की तैयारी है। मैहर जिले के अमझर में करीब 170 हेक्टेयर में औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। यहां 50 से ज्यादा इंडस्ट्रियल यूनिट्स लगाने की योजना है, जिससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे—और विकास का दायरा और बड़ा होगा।


विंध्य पहले से ही बन चुका है पावर हब

रीवा संभाग पहले ही बिजली उत्पादन के कई स्रोतों के लिए जाना जाता है। सिंगरौली में थर्मल प्लांट, रीवा में 750 मेगावॉट का सोलर प्लांट, और हाइड्रो व वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट यहां मौजूद हैं। अब न्यूक्लियर पावर प्लांट के जुड़ने से विंध्य की पहचान एक मल्टी-सोर्स पावर हब के रूप में और मजबूत होगी—जो पूरे देश के लिए अहम साबित हो सकता है।


क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है। यह निवेश, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय विकास—चारों स्तर पर बड़ा बदलाव लाने वाला है। अब नजर इस बात पर है कि निर्माण कब शुरू होता है और यह सपना जमीन पर कब उतरता है—क्योंकि इसका असर आने वाले कई सालों तक महसूस होगा।

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