
रीवा में वन स्टॉप सेंटर के हस्तक्षेप से लंबे समय से तनाव झेल रहे एक दंपती ने आपसी मतभेद खत्म कर फिर साथ रहने का निर्णय लिया। लगातार काउंसलिंग और मध्यस्थता के बाद पति-पत्नी के बीच 18 जून को सहमति बनी।
मामला मऊगंज जिले के हनुमाना थाना क्षेत्र के ग्राम महरी का है। शिकायत के बाद केंद्र ने दोनों पक्षों से संपर्क कर संवाद शुरू कराया और पति को भविष्य में हिंसा तथा मानसिक प्रताड़ना नहीं करने का लिखित और मौखिक आश्वासन देने के लिए प्रेरित किया।
2021 में हुआ था विवाह
रंजना साहू और सुनील साहू का विवाह 13 दिसंबर 2021 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। शुरुआती समय में वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन बाद में विवाद बढ़ने लगे। रंजना ने वन स्टॉप सेंटर, रीवा में शिकायत करते हुए ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए वाहन मांगने तथा पति पर नशे की हालत में मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने के बाद दंपती का वैवाहिक जीवन टूटने की स्थिति में पहुंच गया था।
9 जून को नहीं पहुंचे पति, फिर जारी रहा संपर्क
शिकायत मिलने के बाद वन स्टॉप सेंटर ने दोनों पक्षों को काउंसलिंग के लिए बुलाया। निर्धारित तारीख 9 जून को पति सुनील साहू उपस्थित नहीं हुए।
केंद्र की टीम ने इसके बाद भी संपर्क और फॉलोअप जारी रखा। प्रयासों के बाद सुनील साहू 16 जून को वन स्टॉप सेंटर पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों की समस्याओं पर विस्तार से बातचीत की गई।
काउंसलिंग में सम्मान और संवाद पर जोर
वन स्टॉप सेंटर रीवा की प्रभारी प्रशासक श्रुति मिश्रा, परामर्शदाता सलमा खान, प्रधान आरक्षक रंजना तिवारी और केस वर्करों ने दोनों पक्षों से बातचीत की।
काउंसलिंग के दौरान वैवाहिक रिश्ते में आपसी सम्मान, भरोसे और संवाद के महत्व पर चर्चा हुई। पति को नशे और हिंसात्मक व्यवहार से होने वाले नुकसान समझाए गए तथा मारपीट या मानसिक प्रताड़ना से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।
परिवार की एकता, सामाजिक जिम्मेदारी और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को भी बातचीत का हिस्सा बनाया गया।
18 जून को बनी आपसी सहमति
लगातार बातचीत के बाद 18 जून को पति-पत्नी के बीच समझौता हुआ। दोनों ने पुरानी परिस्थितियों को पीछे छोड़कर फिर साथ रहने और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने का निर्णय लिया।
सुनील साहू ने भविष्य में किसी भी तरह की मारपीट या मानसिक प्रताड़ना नहीं करने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया।
20 जुलाई को फॉलोअप के लिए बुलाया
वन स्टॉप सेंटर ने मामले की आगे की स्थिति पर नजर रखने के लिए दंपती को 20 जुलाई 2026 को फॉलोअप के लिए दोबारा उपस्थित होने के निर्देश दिए।
दोनों पक्षों ने केंद्र की ओर से उपलब्ध कराए गए परामर्श और सहयोग के लिए आभार जताया।
महिलाओं को सहायता और परिवारों को संवाद का सहारा
वन स्टॉप सेंटर, रीवा महिलाओं को संकट की परिस्थितियों में सहायता, संरक्षण और परामर्श उपलब्ध कराने के साथ पारिवारिक विवादों में संवाद और मध्यस्थता के जरिए समाधान की दिशा में भी काम कर रहा है।
इस मामले में काउंसलिंग के बाद दंपती के साथ रहने के फैसले से परिवार को एक और अवसर मिला है। केंद्र की पहल ने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के साथ परिवार में विश्वास, सम्मान और सौहार्द बहाल करने की दिशा भी तैयार की है।
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