
भोपाल। मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा के ढांचे में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को क्षेत्रीय आधार पर तीन अलग-अलग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों में बांटने की तैयारी है।
तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंगलवार की कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर भोपाल, जबलपुर और उज्जैन को तीन अलग-अलग क्षेत्रीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों के मुख्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
तीन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग विश्वविद्यालय
प्रस्ताव के अनुसार मौजूदा RGPV भोपाल को मध्य भारत प्रांत के विश्वविद्यालय के रूप में रखा जाएगा। इसके साथ ही महाकौशल और मालवा क्षेत्र के लिए अलग संस्थानों की व्यवस्था होगी।
क्षेत्रवार प्रस्तावित मुख्यालय इस प्रकार हैं:
- भोपाल: मध्य भारत प्रांत का प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
- जबलपुर: महाकौशल क्षेत्र का विश्वविद्यालय
- उज्जैन: मालवा क्षेत्र का विश्वविद्यालय
कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रदेश में कुल तीन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अस्तित्व में आने का रास्ता साफ हो जाएगा।
दो साल के कार्यकाल के एजेंडे से जुड़ा फैसला
राज्य सरकार के दो साल का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर हुई 45 सूत्रीय विशेष एजेंडा बैठक में मेडिकल और इंजीनियरिंग विश्वविद्यालयों को तीन हिस्सों में विभाजित करने का निर्णय लिया गया था। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में इस निर्णय पर आगे बढ़ते हुए पिछली कैबिनेट बैठक में जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी के विभाजन को मंजूरी दी जा चुकी है। अब इंजीनियरिंग शिक्षा से जुड़े विश्वविद्यालय के पुनर्गठन का प्रस्ताव सामने है।
डेयरी विकास योजना पर भी कैबिनेट में चर्चा
मंगलवार की बैठक में पशुपालन विभाग की डेयरी विकास योजना का प्रस्ताव भी शामिल किया जाएगा। योजना के तहत राज्य में डेयरी क्षेत्र को आगे बढ़ाने और दूध उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर है।
इस प्रस्ताव का संबंध नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) और राज्य सरकार के स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के बीच हुए एमओयू को आगे बढ़ाने से है। इसके लिए योजना को कैबिनेट की मंजूरी दिलाने की तैयारी है।
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