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कूनो में खुशियों की दहाड़: मादा चीता आशा बनी मां, एक साथ 5 शावकों का जन्म

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कूनो में खुशियों की दहाड़: मादा चीता आशा बनी मां, एक साथ 5 शावकों का जन्म

कूनो में खुशियों की दहाड़: मादा चीता आशा बनी मां, एक साथ 5 शावकों का जन्म

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश के जंगलों से वन्यजीव प्रेमियों के लिए दिल खुश कर देने वाली खबर आई है। कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा ने एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया है। लंबे समय से चीतों के संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में चल रहे प्रयासों के बीच यह खबर उम्मीद और उत्साह की नई वजह बनकर सामने आई है।


कूनो प्रबंधन ने जारी किया वीडियो

कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन ने इस खास पल की आधिकारिक पुष्टि करते हुए एक वीडियो साझा किया है। वीडियो में मादा चीता अपने नन्हे शावकों को सहेजती और दुलारती दिखाई दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी शावक स्वस्थ हैं और लगातार निगरानी में रखे गए हैं।


भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 32

पांच नए शावकों के जन्म के बाद भारत में मौजूद चीतों की संख्या अब 32 तक पहुंच गई है। इनमें से 24 चीते भारत में ही जन्मे हैं। पूरे चीता प्रोजेक्ट को देखें तो देश में कुल 35 चीते हो चुके हैं, जिनमें 32 कूनो में और 3 गांधी सागर क्षेत्र में रखे गए हैं।


28 फरवरी को आएंगे 8 नए चीते

करीब 40 महीने पहले भारत में चीतों को फिर से बसाने की शुरुआत हुई थी। 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीतों के आने के साथ इस प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ी। इसके बाद 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए। अब इसी कड़ी में 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 और चीते कूनो लाए जाने हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस बात की पुष्टि की थी। ऐसे में आशा द्वारा शावकों को जन्म देना इस परियोजना की सफलता का बड़ा संकेत माना जा रहा है।


गांधी सागर बना चीतों का दूसरा ठिकाना

शुरुआत में कूनो ही देश का इकलौता चीता आवास था, लेकिन 20 अप्रैल 2025 को मंदसौर जिले का गांधी सागर चीतों का दूसरा घर बना। यहां कूनो से स्थानांतरित तीन चीते रखे गए हैं, जिनमें नर प्रभास, पावक और मादा धीरा शामिल हैं।

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