
सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 सितंबर को सीहोर में सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की नई पावर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण इकाई से पहले ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ करेंगे। करीब 50 एकड़ में स्थापित यह इकाई एक ही स्थान पर स्थित भारत की सबसे बड़ी पावर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण सुविधाओं में शामिल है।
खास बात यह है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगस्त 2025 में इस संयंत्र का भूमि-पूजन किया था। करीब 13 से 14 महीने में ही यहां उत्पादन शुरू होने जा रहा है। इसे मध्यप्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को तेजी से धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
1200 केवी तक के ट्रांसफॉर्मर बनेंगे
सीहोर की इस आधुनिक इकाई में 220 केवी से लेकर 1200 केवी श्रेणी तक के उच्च क्षमता वाले पावर ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे। इकाई की उत्पादन क्षमता हर महीने करीब 35 पावर ट्रांसफॉर्मर की होगी। इतनी बड़ी क्षमता वाली विनिर्माण सुविधा से देश में उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन उपकरणों के निर्माण को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इन ट्रांसफॉर्मरों का उपयोग विद्युत क्षेत्र के अलावा डेटा सेंटर, रेलवे, नवकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस तथा ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं में किया जाएगा। सीहोर में निर्मित उपकरणों की आपूर्ति देश के विभिन्न हिस्सों के साथ वैश्विक बाजारों में भी की जाएगी।
2000 से अधिक रोजगार के अवसर
परियोजना से सीहोर में 2000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके साथ ही इकाई से जुड़े सप्लायर, परिवहन, सर्विस और अन्य सहायक कारोबारों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। राज्य सरकार का जोर निवेश प्रस्तावों को वास्तविक उद्योगों में बदलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने पर है। सीजी पॉवर की यह इकाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है।
नौ दशक से विद्युत इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सक्रिय है सीजी पॉवर
सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड विद्युत इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करीब नौ दशकों से कार्यरत है। कंपनी पावर ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, इंडक्शन मोटर्स, ड्राइव्स, ट्रैक्शन मोटर्स सहित विभिन्न विद्युत उपकरणों का निर्माण करती है। सीहोर की नई इकाई कंपनी की पावर ट्रांसफॉर्मर निर्माण क्षमता को बड़े स्तर पर विस्तार देगी। उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मरों के निर्माण और निर्यात से सीहोर की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह परियोजना मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग को पूरा करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
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