
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 साल की यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक’ को राज्य में टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी आधिकारिक घोषणा की। सरकार का कहना है कि यह फिल्म राष्ट्रसेवा और संगठनात्मक मूल्यों को दर्शाती है।
‘शतक’ अब पूरे मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि हिंदी फिल्म शतक को राज्यभर में करमुक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा, सेवा भावना और चरित्र निर्माण की परंपरा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। उनके अनुसार, संगठित शक्ति और संस्कारों के आधार पर आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।
100 साल की यात्रा का सिनेमाई दस्तावेज
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में नागपुर में हुई थी। फिल्म की कहानी इसी ऐतिहासिक पड़ाव से शुरू होती है, जब डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने संगठन की नींव रखी। इसके बाद फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक छोटे समूह से शुरू हुआ यह संगठन समय के साथ देशव्यापी संरचना में बदल गया।
हेडगेवार से गोलवलकर तक का संघर्ष
फिल्म में संघ के संस्थापक हेडगेवार के साथ उनके उत्तराधिकारी माधव सदाशिव गोलवलकर की भूमिका को प्रमुखता से दर्शाया गया है। कथानक में स्वतंत्रता संग्राम के दौर, विभाजन काल, दादरा और नगर हवेली की मुक्ति, कश्मीर से जुड़े घटनाक्रम और 1975 के आपातकाल के समय संगठन की गतिविधियों को सिनेमाई रूप में प्रस्तुत किया गया है।
AI और आधुनिक तकनीक से जीवंत हुए ऐतिहासिक चेहरे
फिल्म की खासियत इसका तकनीकी प्रयोग है। उन्नत ग्राफिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कई ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को स्क्रीन पर पुनर्जीवित किया गया है, जिनमें वीर सावरकर, महात्मा गांधी, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नाम शामिल हैं। फिल्म की नैरेशन आवाज़ बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने दी है, जो कहानी को प्रभावशाली अंदाज़ में आगे बढ़ाती है।
20 फरवरी 2026 को हुई रिलीज
‘शतक’ 20 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। टैक्स फ्री होने के बाद मध्य प्रदेश में दर्शकों को टिकट पर कर में राहत मिलेगी, जिससे फिल्म की पहुंच और बढ़ने की संभावना है।
टैक्स फ्री होने का क्या असर?
किसी फिल्म को टैक्स फ्री करने का मतलब है कि राज्य सरकार मनोरंजन कर में छूट देती है। इससे:
टिकट की कीमत कम होती है
दर्शकों की संख्या बढ़ सकती है
फिल्म के सामाजिक या सांस्कृतिक संदेश को व्यापक पहुंच मिलती है
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