
भोपाल। मध्य प्रदेश के जंगलों से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली ‘पॉकेट टाइगर’ कैमरे में कैद हुई है—जिसने वन विभाग को भी चौंका दिया है।
नौरादेही टाइगर रिजर्व में पहली बार दिखा दुर्लभ जीव
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नौरादेही जंगल में यह दुर्लभ जीव नजर आया। रात के अंधेरे में ट्रैप कैमरे में कैद हुई इस नन्ही बिल्ली ने वन अधिकारियों को अलर्ट कर दिया। खास बात यह है कि यहां इसे पहली बार रिकॉर्ड किया गया है…
क्या है ‘पॉकेट टाइगर’?
इस दुर्लभ बिल्ली को रस्टी स्पॉटेड कैट कहा जाता है। इसे प्यार से “पॉकेट टाइगर” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका आकार इतना छोटा होता है कि यह हथेली में समा जाए। लेकिन फुर्ती और शिकार करने की क्षमता में यह बड़े शिकारी जानवरों से कम नहीं…
साइज छोटा, लेकिन शिकार में माहिर
इस बिल्ली का वजन करीब 900 ग्राम से 2 किलो तक होता है और लंबाई सिर्फ 35 से 48 सेंटीमीटर तक। इतनी छोटी होने के बावजूद यह बेहद तेज और चालाक शिकारी है। छोटे रेंगने वाले जीव और अंडे इसका भोजन होते हैं—और यही इसे जंगल में जीवित रखता है…
25-30 साल बाद मिले इसके प्रमाण
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 25-30 साल में इस प्रजाति को यहां किसी ने नहीं देखा था। टाइगर एस्टिमेशन के लिए लगाए गए ट्रैप कैमरों में यह अचानक नजर आई। इसकी शर्मीली प्रकृति के कारण यह इंसानों से दूर रहती है, इसलिए इसे देख पाना बेहद मुश्किल होता है…
एक्सपर्ट्स भी हुए हैरान, बढ़ी जैव विविधता की उम्मीद
इस दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी से वन्यजीव विशेषज्ञ भी हैरान हैं। यह संकेत है कि नौरादेही का इको-सिस्टम इतना मजबूत है कि यहां दुर्लभ से दुर्लभ प्रजातियां भी सुरक्षित रह सकती हैं। इससे मध्य प्रदेश की जैव विविधता को बड़ी मजबूती मिली है।
दुनिया का पहला ऐसा जंगल बनने की ओर MP
अब मध्य प्रदेश एक अनोखा रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रहा है। यहां पहले से टाइगर और लेपर्ड मौजूद हैं, और जल्द ही चीता प्रोजेक्ट के तहत चीते भी लाए जाएंगे। ऐसे में यह दुनिया का पहला जंगल बन सकता है जहां सबसे बड़ा (टाइगर), सबसे छोटा (रस्टी कैट) और सबसे तेज (चीता) एक साथ रहेंगे।
क्यों खास है नौरादेही का जंगल?
करीब 2,339 वर्ग किलोमीटर में फैला यह टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का सातवां टाइगर रिजर्व है। यहां सिर्फ बड़ी बिल्लियां ही नहीं, बल्कि भेड़िए, स्लॉथ बेयर और गिद्ध भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। खासतौर पर इसे भेड़ियों का पसंदीदा जंगल माना जाता है—और अब ‘पॉकेट टाइगर’ ने इसकी अहमियत और बढ़ा दी है।
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