
भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध कब्जों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के बीच सागर जिले में प्रशासन ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। शाहगढ़ के ग्राम सिमरिया उवरी में 4.79 हेक्टेयर जमीन खाली कराई गई, जबकि NH-44 किनारे अवैध रूप से संचालित सौरभ होटल/ढाबे को भी ध्वस्त किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने नशे के खिलाफ बड़े अभियान की बात कहते हुए कहा कि दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सिमरिया उवरी में 4.79 हेक्टेयर जमीन मुक्त
शाहगढ़ के ग्राम सिमरिया उवरी में प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम ने बंडा प्रकरण में संलिप्त आरोपी चंद्रभान राजपूत के कब्जे वाली जमीन पर कार्रवाई की।
यह जमीन ग्राम चौकीदार की शासकीय सेवा भूमि थी। इसमें 4.56 हेक्टेयर और 0.23 हेक्टेयर, यानी कुल 4.79 हेक्टेयर भूमि शामिल थी।
अवैध फसल नष्ट कर जमीन ली शासकीय आधिपत्य में
राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। मौके पर अवैध रूप से लगाई गई फसल को भी नष्ट किया गया।
कार्रवाई के बाद भूमि को शासकीय आधिपत्य में ले लिया गया। बंडा प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों और गतिविधियों की जांच भी की जा रही है।
NH-44 किनारे सौरभ होटल पर चला बुलडोजर
सागर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के किनारे शासकीय भूमि पर किए गए कब्जे के खिलाफ भी प्रशासन ने कार्रवाई की। सौरभ होटल/सौरभ ढाबा को अवैध कब्जे के मामले में ध्वस्त किया गया।
प्रशासन के अनुसार ढाबा संचालक ने अपनी निजी जमीन की आड़ लेकर हाईवे से लगी बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा किया था। संयुक्त राजस्व-पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को पूरी तरह हटा दिया।
बांदरी से मालथौन टोल तक विशेष अभियान
शुक्रवार को बांदरी से मालथौन टोल तक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान हाईवे के आसपास सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई।
'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत हाईवे किनारे मौजूद अवैध ढाबों, टपरों और पक्के निर्माणों को चिह्नित कर हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर CM का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शासकीय या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहने की बात कही। उनका स्पष्ट संदेश है कि सरकारी संपत्ति पर कब्जे की कोशिश को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बंडा प्रकरण के दूसरे आरोपियों की भी जांच
बंडा मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों और गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। जांच में संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
नशे के खिलाफ बड़े अभियान की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर नशा मुक्ति अभियान चलाने की बात भी कही है। अवैध कब्जों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के साथ नशे के विरुद्ध अभियान को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख सामने रखा है।
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