
भोपाल। पदभार संभालने के तुरंत बाद महिला एवं बाल विकास आयुक्त संदीप जी.आर. ने विभागीय व्यवस्थाओं की जमीनी समीक्षा शुरू कर दी है। शुक्रवार को इंदौर में उन्होंने बाल संस्थाओं और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर बच्चों व महिलाओं से सीधे बातचीत की।
11 सितम्बर 2026 को हुए निरीक्षण में आयुक्त ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और संस्थाओं में उपलब्ध सेवाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।
बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर फोकस
छावनी स्थित राजकीय बाल आश्रम में आयुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनका हाल जाना। उन्होंने शिक्षा, भोजन और स्वास्थ्य समेत उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से बच्चों से जुड़े सभी अभिलेख व्यवस्थित और अद्यतन रखने को कहा।
ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम में भी पहुंचे
आयुक्त ने ऑब्जर्वेशन होम (संप्रेक्षण गृह) और स्पेशल होम का भी निरीक्षण किया। यहां रह रहे बच्चों से उन्होंने उनकी समस्याओं, पढ़ाई, करियर में रुचि और भविष्य की योजनाओं को लेकर चर्चा की।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि संस्थाओं में रहने वाले बच्चों को सिर्फ बुनियादी सुविधाएं देना पर्याप्त नहीं है। उनकी आगे की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा के साथ कौशल विकास भी जरूरी है।
कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश
अधिकारियों को बच्चों की नियमित पढ़ाई और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को भविष्य के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की समीक्षा
राजकीय बाल आश्रम परिसर में संचालित वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर आयुक्त ने संकट और हिंसा से प्रभावित महिलाओं को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने आपातकालीन सहायता, परामर्श और विधिक सेवाओं की स्थिति समझी तथा सेंटर में मौजूद महिलाओं से बातचीत कर निःशुल्क सेवाओं के संबंध में उनका फीडबैक लिया।
अधिकारियों से सेंटर की विभिन्न सेवाओं और उनके प्रभावी संचालन की जानकारी भी ली गई।
स्वच्छता और सुरक्षा पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सभी बाल संस्थाओं में कुछ बुनियादी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
- स्वच्छता
- पोषण
- स्वास्थ्य देखभाल
- सुरक्षा मानक
उन्होंने संस्थाओं की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। किसी स्तर पर कमी सामने आने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा।
बच्चों और महिलाओं के फीडबैक से सुधरेंगी सेवाएं
संदीप जी.आर. ने सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार की जरूरत बताई। इसके लिए बच्चों और महिलाओं से नियमित फीडबैक लेने तथा उनके सुझावों और समस्याओं के आधार पर आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाल संस्थाओं में बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देने के साथ शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
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