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दशकों पुराना सरदार सरोवर विवाद समाप्त, चार राज्यों के समझौते में एमपी को देना होगा 550 करोड़ रुपये

08 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
दशकों पुराना सरदार सरोवर विवाद समाप्त, चार राज्यों के समझौते में एमपी को देना होगा 550 करोड़ रुपये
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत और नर्मदा अवॉर्ड से जुड़े वर्षों पुराने वित्तीय विवाद का अंत हो गया है। मंगलवार को नई दिल्ली में चारों राज्यों ने वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) समझौते पर हस्ताक्षर कर सभी लंबित दावों का अंतिम समाधान स्वीकार कर लिया।


इस समझौते की मौजूदगी में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल रहे। समझौते के बाद परियोजना से जुड़े लंबित भुगतान और लागत साझेदारी के मामलों का स्थायी निपटारा माना जा रहा है।


चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किए समझौते पर हस्ताक्षर

ओटीएस समझौते पर इन मुख्यमंत्रियों ने हस्ताक्षर किए—

  1. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

  2. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल

  3. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

  4. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


बैठक में केंद्र सरकार और चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।


नर्मदा अवॉर्ड से जुड़े लंबित दावों का हुआ समाधान

यह समझौता नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण (नर्मदा अवॉर्ड) के तहत सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत में राज्यों की हिस्सेदारी और वर्षों से लंबित वित्तीय देयों से संबंधित था। चारों राज्यों ने एकमुश्त भुगतान के जरिए सभी दावों और देयों का अंतिम निपटारा करने पर सहमति बनाई।


अमित शाह ने क्या कहा

अमित शाह ने समझौते को सहकारी संघवाद का मजबूत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का लाभ किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जहां भी पानी का उपयोग होता है उसका फायदा अंततः देश के किसानों और नागरिकों को मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके मुताबिक कई वर्षों से लंबित अंतरराज्यीय विवाद अब तेजी से सुलझ रहे हैं और यह समझौता भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


सरदार सरोवर परियोजना के लाभ भी गिनाए

गृह मंत्री ने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना से विशेष रूप से मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान को सिंचाई, पेयजल और बिजली के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के जिन इलाकों तक नर्मदा का पानी पहुंचा, वहां खेती और भूमि की स्थिति में बदलाव आया और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।


अन्य जल विवादों का भी किया उल्लेख

अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार अंतरराज्यीय जल विवादों के समाधान को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने हरियाणा-राजस्थान जल विवाद के समाधान और किशाऊ बांध परियोजना पर बनी सहमति का भी जिक्र करते हुए कहा कि समयबद्ध समाधान से देश का व्यापक हित जुड़ा है।


मध्य प्रदेश के लिए क्या रहा आर्थिक असर

समझौते के आर्थिक पक्ष में मध्य प्रदेश को बड़ा बदलाव देखने को मिला। सरदार सरोवर डैम के मुआवजे के रूप में राज्य की मांग ₹7,669 करोड़ थी, लेकिन ओटीएस समझौते के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार को ₹550 करोड़ गुजरात सरकार को देने होंगे।

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